नई दिल्ली। जब कोई सामान ऑनलाइन मंगवाते हैं तो उस सामान की सुरक्षा के लिए उसे बबल रैप से कवर किया जाता है। लेकिन जैसे ही आप अनपैक करते हैं तो सामान बाद में देखते हैं और पहले बबल रैप फोड़ने के लिए बैठ जाते हैं। आपके सामने बबल रैप रखा हो तो उसे फोड़ने का मन हो ही जाता है। उसमें भी एक बार फोड़ा तो उसे बार-बार फोड़े बिना नहीं रह सकते। यह किसी विशेष के साथ नहीं बल्कि लगभग हर किसी के साथ होता है।

आपने सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों होता है कि बबल रैप को देखते ही हम उसे फोड़ने लगते हैं। इस संबंध में वैज्ञानिकों ने भी रिसर्च किया है।

एक स्टडी के मुताबिक हाथों में जब भी कोई चीज पकड़ते हैं, तो हाथों में बैचेनी होने लगती है। उसमें भी आप तनाव में हो या आसपास का माहौल तनावपूर्ण हो तो ज्यादा बैचेनी होती है। ऐसे समय में हाथों में कोई भी छोटी चीज पकड़ने पर आप रिलेक्स महसूस करते हैं। आपको इससे शांति और सुकून महसूस होता है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि कुछ लोग जब ज्यादा तनाव में होते हैं और अपनी परेशानियों के बारे में सोचते हैं तो जाने-अनजाने वो अपने हाथ और पैरों को हिलाने लगते हैं। यही कारण है कि तनाव में बबल रैप फोड़ने से लोगों को शांति का एहसास होता है। बबल रैप को फोड़ने से हमारे दिमाग को संतुष्टि मिलती है। हमारे शरीर को एक अलग तरह के आनंद का एहसास होता है। हमारे दिमाग को हैप्पी हार्मोन जारी करने का सिग्नल भी देता है। इसी कारण इसे फोड़ने के बाद हमारा मन खुश हो जाता है।

इसके अलावा वैज्ञानिकों ने एक और बात कही है कि बबल रैप फोड़ते हुए आप दूसरा काम भी करते हैं तो ज्यादा कॉन्सन्ट्रेशन होता है। जैसे अगर आप बुक पढ़ रहे हो तो अगर आप बबल रैप फोड़ते हुए किताब पढ़ेंगे तो आपका ध्यान और कहीं नहीं भटकेगा।