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PHOTOS : भगोरिया की मस्ती से सराबोर निमाड़

   |  Sat, 24 Feb 2018 05:45 PM (IST)

होली के पास आते ही निमाड़ में भगोरिया पर्व की शुरुआत हो जाती है। इसे निमाड़ का प्रणय उत्सव भी कहा जाता है। आदिवासी समाज के लोग बड़ी संख्या में इसमें शामिल होते हैं। वालपुर के भगोरिया में पहुंची आदिवासी युवतियां।

फाग की मस्ती और परंपरा का अनूठा संगम भगोरिया में नजर आता है।

वालपुर का भगोरिया मेला काफी प्रसिद्ध है क्योंकि यहां सबसे ज्यदा भीड़ उमड़ती है। आदिवासी समाज का बदलता स्वरूप भी इन मेलों में देखा जा सकता है।

उदयगढ़ के भगोरिया मेले में तस्वीर खिंचवाने के बाद आदिवासी युवतियां।

कालीदेवी गांव में लगे भगोरिया मेले में नाचते-गाते पहुंचे आदिवासी लोग

भगोर गांव में लगा भगोरिया मेला

भगोरिया के इन मेलों में चांदी के जेवरातों की दुकानें बड़ी संख्या में लगती हैं क्योंकि आदिवासी समाज में चांदी के जेवरों से ही सम्पन्नता की पहचान होती है।

कालीदेवी गांव में मांदल लेकर पहुंचे अलग-अलग गांव के दल।

भगोरिया मेले की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें युवतियों के समूह एक जैसे रंग बिरंगे कपड़े पहनती हैं जिससे उनके समूह की पहचान होती है।

निमाड़ क्षेत्र में गर्मी तेज होने लगी है, ऐसे में भगोरिया मेले में कुल्फी का आनंद लेतीं आदिवासी युवतियां।

कट्ठीवाड़ा में लगे मेले में मांदल, बांसुरी और थाली की थाप भगोरिया की मस्ती को और बढ़ाती नजर आई।

मेले में पहुंच रहे लोग यहां झूलों का पूरा आनंद ले रहे हैं।

वालपुर भगोरिया मेला का विहंगम दृश्य। इस समय पूरे निमाड़ में भगोरिया और फाग की मस्ती महसूस की सकती है।

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