photo-gallery/madhya-pradesh-gujrati-rathwa-and-malvi-matki-dance-shadow-in-malwa-festival-1703590"/>
Menu

गुजराती राठवा और मालवी मटकी नृत्य मालवा उत्सव में छाया

   |  Fri, 04 May 2018 11:32 PM (IST)

लोकनृत्यों की नायाब प्रस्तुतियों के सतरंगी रंग लिए लालबाग परिसर एक बार फिर खिल उठा। मालवा उत्‍सव के तहत इन प्रस्‍तुतियों को भरपूर दाद मिली।

गुजराती राठवा और मालवी मटकी नृत्य मालवा उत्सव में आकर्षण का केंद्र रहा।

होली पर घर-घर जाकर अनाज मांगना और फिर उसकी पूजा कर पांच दिन तक जश्न मनाने की परंपरा राठवा को ढोल, शहनाई, थाली, खडपाल और घुंघरुओं की मधुर ध्वनि के साथ पूरे जोश से प्रस्तुत किया गया।

आदिवासी लोकनृत्य राठवा जितना जोश से भरा हुआ था उतनी ही नजाकत और खूबसूरती लिए मालवा का मटकी नृत्य उज्जैन के कलाकारों ने प्रस्तुत किया।

मालवा उत्सव की तीसरी रात अपने दामन में तेलंगाना की नागौबा जनजाति का नृत्य गुस्साड़ी भी लेकर आया। दीपावली, दशहरे पर होने वाला यह नृत्य पर्व के अनुरूप ही जोश से भरा हुआ था।

बैतूल से आए गौंड जनजाति के कलाकारों ने थाटवा नृत्य किया।

आयोजन में कई प्रांतीय कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं।

DISCLAIMER: JPL and its affiliates shall have no liability for any views, thoughts and comments expressed on this article.

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK