अगर जीवन में मुश्किलों पर जीत पाना है तो इनसे सीखिए

hiten j   |  Sun, 14 Jan 2018 03:45 PM (IST)

पहली ट्रांसजेंडर जज बनने वाली जोयिता मंडल ने टेड एक्स टॉक में बताया जिस शहर में कभी कोई मुझे भीख भी नहीं देता, उस शहर में जज के रूप सफेद कार में बैठकर जब निकलती हूं तो अभिवादन करने वालों की लाइन लग जाती है। ये देखकर अच्छा भी लगता है और ये भी सोचती हूं कि ऐसा ही प्यार और सम्मान मेरे जैसे हर इंसान को मिलना चाहिए।

जोयिता मंडल ने कहा बाकी कुछ होने से पहले हम लोग इंसान हैं। क्या बिडंबना है कि हम ट्रांसजेंडर को शुभ मानते हैं, उनकी दुआएं भी लेते हैं मगर इज्जत नहीं देते हैं।

फ्रेशिया ने बताया कि एक दिन मेरा कंप्यूटर खराब हो गया। मैंने छोटे भाई से यूं ही पूछ लिया कि तू इसे ठीक कर सकता है क्या? और वाकई उसने ठीक कर दिया। मैंने पूछा ये कैसे किया? उसका जवाब था गूगल से ... उस दिन से मैं भी गूगल फ्रेंडली हो गई।

फ्रेशिया ने कहा अपना यू-ट्यूब चैनल बनाया जिसे कमाल का रिस्पांस मिला। मैं स्मार्टनेस को रीडिफाइन कर रही हूं। मेरे लिए एस सेफर, एम मल्टीडायमेंशनल, ए आस्क द राइट क्वेश्चन, आर रीड और टी टाइम का सिंबल है। इस फॉर्मूले पर चलने वाले शख्स की सफलता पक्की है।

संजय सिंह ने पानी संबंधी समस्याओं के निदान को लेकर हुए सर्वे में पाया गया कि पानी की किल्लत से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को होती है। इसलिए हमने पानी के नियंत्रण की जिम्मेदारी महिलाओं के हाथ में दी। करीब 200 गांवों में जल सहेलियों के नेतृत्व में महिला पानी पंचायतें बनाई गईं।

21 साल की उम्र में यूएन एंबेसडर ऑफ यंग आंत्रप्रेन्योर्स बनने वाले राज शमानी ने कहा कि एक दिन में इंसान के पास 86400 सेकंड होते हैं। दुनिया इतनी तेजी से बदल रही है कि तीन साल बाद कोई भी कोर्स ही आउटडेटेड हो जाएगा। दूसरी बात आप जैसा बनना चाहते हैं वैसे लोगों से मिलें। अगर आप अपनी फील्ड में बेस्ट बनना है तो उस फील्ड के बेस्ड लोगों से मिलें।

बिलाल जैदी ने बताया कि पॉलिटिक्स में गंदगी इसलिए है कि चुनाव के पहले नेता लॉबी करने वालों से फंडिंग लेते हैं और फिर चुनाव जीतने के बाद उन्हें उपकृत करते हैं। इसलिए हमने क्लीन पॉलिटिकल फंडिंग अभियान का आगाज गुजरात में हुए हालिया चुनावों से किया।