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तस्‍वीरें: उज्जैन में महाकाल मंदिर के अलावा भी है बहुत कुछ

   |  Wed, 14 Feb 2018 03:59 PM (IST)

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग- उज्‍जैन को महाकाल की नगरी कहा जाता है और लोग यहां प्रमुख रूप से उन्‍हीं के दर्शनों की इच्‍छा के साथ यहां पहुंचते हैं। लेकिन उज्‍जैन में इसके अलावा भी बहुत से ऐसे स्‍थल है जो अपने आप में अनूठे हैं।

श्री बड़े गणपति जी का मंदिर- यह मंदिर श्री महाकालेश्वर मंदिर के पीछे स्थित है और श्री गणेशजी की विशालकाल एवं अत्यंत आकर्षक मूर्ति यहां पर है, जिसके दर्शन आपका मन मोह लेंगे।

श्री हरसिद्धि देवी का मंदिर - इस मंदिर का इतिहास काफी पुराना है और शिवपुराण के अनुसार सती की कोहनी यहां पर गिरी थी जिस कारण से तांत्रिक ग्रंथों में इसे सिद्ध शक्तिपीठ की संज्ञा दी गई है।

श्री गोपाल मंदिर- इस मंदिर का इतिहास भी काफी पुराना है और इसका निर्माण 250 साल पहले महाराजा श्री दौलतरावजी सिंधिया की महारानी बायजाबाई द्वारा कराया गया था।

कालियादेह महल- यह महल भैरवगढ़ से 3‍ किमी की दूरी पर शिप्रा नदी के समीप स्थित है और आज इसे सूर्य मंदिर के नाम से जाना जाता है।

श्री कालभैरव मंदिर- यह मंदिर उज्‍जैन के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्‍थलों में से एक है। इसकी विशेषता यह है कि यहां पर भैरव प्रतिमा के मुंह में छिद्र न होते हुए भी प्रतिमा मदिरापान करती है और किसी को पता नहीं चलता कि आखिर यह मदिरा जाती कहां है।

श्री चिंतामण गणेश मंदिर- यहां पर चिंतामणि गणेश के साथ ही इच्छापूर्ण और चिंताहरण गणेशजी की प्रतिमाएं हैं। कहा जाता है कि यहां पर ईश्‍वर से अपनी परेशानियों के बारे में बताने से वह दूर हो जाती हैं।

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