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महाशिवरात्रि: शिव जी को न चढ़ाएं ये वस्तुएं, मानी गई हैं वर्जित

   |  Sun, 11 Feb 2018 01:24 PM (IST)

महाशिवरात्रि पर शिवजी को प्रसन्‍न करने की कोशिश में कहीं आप भी अनजाने में उन्हें नाराज न कर दें। कुछ चीजों को भोलेनाथ की पूजा में वर्जित किया गया है। जैसे नारियल को लक्ष्‍मी का रूप माना गया है, इसलिए भगवान शिव को छोड़कर सभी शुभ कार्यों में नारियल का प्रयोग होता है। जानें और क्या नहीं चढ़ाना चाहिए।

वैरागी भोलेनाथ की पूजा में भूलकर भी हल्‍दी न शामिल करें क्योंकि हल्दी को शिव का ही रूप माना जाता है।

पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव ने जलंधर राक्षस का वध किया था। उसकी पत्‍नी वृंदा तुलसी का पौधा बन गई थी। इसलिए वृंदा ने भगवान शिव की पूजा में तुलसी के प्रयोग को मना किया था।

शिव पुराण के अनुसार, एक बार ब्रह्मा और विष्‍णु के विवाद में झूठ बोलने के कारण केतकी के फूल को भगवान शिव ने शाप दिया था। इसलिए उनकी पूजा में केतकी का फूल नहीं चढ़ाया जाता।

शंख से विष्‍णु और लक्ष्‍मी पूजन किया जाता है। मगर, भोलेनाथ का जलाभिषेक और उनकी पूजा में शंख का उपयोग नहीं किया जाता है। शिवपुराण में बताया गया है कि भोलेनाथ ने शंखचूड़ नामक राक्षस का वध किया था।

भगवान शिव पर कच्‍चा दूध चढ़ाया जाता है। पैकेट वाले दूध को उबाला जाता है, इसलिए इसका प्रयोग शिवपूजन में न करें। कच्चा दूध उपलब्ध नहीं हो, तो आप सादे जल या गंगाजल से जलाभिषेक कर सकते हैं।

विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए मांग में सिंदूर लगाती है। मगर, भोलेनाथ सृष्टि के संघारक माने जाते हैं, इसलिए उन पर कुमकुम नहीं चढ़ाया जाता है।

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