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शिवरात्रि के बारे में जानें यह अहम बातें

   |  Wed, 07 Feb 2018 02:56 PM (IST)

इस बार 12 फरवरी को रात 8:07 बजे से त्रयोदशी यानी प्रदोष लग रहा है, जो 13 फरवरी को रात 10:38 बजे तक रहेगा। ऐसे में 13 फरवरी को महाशिवरात्रि महाशिवरात्रि श्रवण नक्षत्र और सिद्ध योग में होगी। इसके चलते यह सवार्थ सिद्धि योग बन रहा है।

शिवरात्रि सदैव अर्द्ध रात्रि को ही मानी जाती है। शिवरात्रि अगर रविवार या मंगलवार को होती है तो उसे सर्वोत्तम माना गया है। वैसे शिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण पक्ष में चतुर्दशी को मनाई जाती है।

साल भर में 12 शिवरात्रियां आती है, लेकिन इन सभी में फाल्गुन माह की शिवरात्रि को सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण माना जाता है। इस त्योहार पर महिलाएं और लड़कियां विशेष कामना से व्रत रखती हैं।

इस व्रत के प्रभाव से कुंवारी लड़कियों को मनचाहा वर प्राप्त होता है और जिन महिलाओं का विवाह हो चुका है, वे सौभाग्यशालिनी बनी रहती हैं। वहीं, इस व्रत को रखने से मनोकामनाएं भी पूरी हो जाती हैं।

अविवाहितों की शीघ्र शादी होती है। सुहागिनों का सौभाग्य अखंड रहता है। दांपत्य जीवन में प्रेम की प्रगाढ़ता और सामंजस्य बना रहता है। संतान सुख मिलता है। धन, धान्य, यश, सुख, समृद्धि, वैभव, ऐश्वर्य में वृद्धि होती है। आरोग्य वरदान मिलता है।

नौकरी व करियर में मनचाही सफलता मिलती है। शत्रुओं का विनाश होता है। बाहरी भूत, प्रेत बाधा आदि से चमत्कारी ढंग से रक्षा होती है। आत्मविश्वास और पराक्रम में वृद्धि होती है। आभामंडल में चमत्कारी चमक आती है।

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