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भारतीय क्रिकेटर जो नहीं पा सके सम्मानजनक विदाई

   |  Sat, 13 Jan 2018 04:51 PM (IST)

भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे भी खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने विभिन्न कारणों से खेल से सम्मानजनक तरीके से विदाई नहीं पा सकें। जाने कौन-कौन है शामिल-

विनोद कांबली- भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सदस्य रहे विनोद कांबली सचिन तेंडुलकर के बचपन के दोस्त हैं। कांबली ने अपने करियर के दौरान 104 वनडे और 17 टेस्ट मैच खेले हैं। इनका अंतिम मैच श्रीलंका के खिलाफ था जिसमें इन्होंने मात्र 3 रन बनाए थे।

इरफान पठान- 29 टेस्ट और 120 वनडे खेलने वाले इरफान पठान बेहतरीन आलराउंडर थे। अपनी स्विंग बॉलिंग से बैट्समैन में खौफ भरने वाले पठान अपने प्रदर्शन में लगातार आती गिरावट और इंजरी से जूझने के कारण टीम में जगह बनाने में नाकाम रहे। इन्होंने अपना अंतिम वनडे मैच श्रीलंका के खिलाफ 2012 में खेला था।

संदीप पाटिल- पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट डेब्यू कर 174 रनों की धमाकेदार पारी खेलने वाले वाले आलराउंडर संदीप पाटिल ने अपने करियर में 29 टेस्ट और 45 वनडे मैच खेले। 1984 के वर्ल्डकप जीत के बाद पाटिल ने कुछ ही मैच खेले। अपने एटीट्यूड और लापरवाह व्यक्तित्व के कारण इन्हें टीम से सम्मानजनक विदाई नहीं मिल पाई।

लक्ष्मण शिवरामकृष्णन - तमिलनाडू के रहने वाले शिवरामकृष्णन ने अपने रणजी डेब्यू में ही दिल्ली के खिलाफ 28 रन देकर 7 विकेट झटके थे। लेकिन देश की तरफ से खेलते समय इनकी लय में भारी गिरावट देखी गई थी। मात्र 4 साल के अपने टेस्ट करियर में इन्होंने 9 टेस्ट खेलकर 26 विकेट लिए थे।

नरी कांट्रेक्टर- ये भारतीय टीम के पहले ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने अपने पहले रणजी डेब्यू मैच के दोनो इनिंग में शतक बनाया था। भारत की तरफ से 31 टेस्ट मैच खेल चुके कांट्रेक्टर पूरे करियर में जख्मों से जूझते रहे। चोट के कारण ही इन्होंने 1962 में क्रिकेट से संन्यास ले लिया।

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