जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने सम्पत्ति विवाद को लेकर 58 साल से चल रहे एक मुकदमे का बुधवार को आखिर निपटारा कर दिया। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में सम्पत्ति के पांच टुकड़े करने के निर्देश दिए है। यह मामला 1959 में कोर्ट में पहुंचा था और पिछले करीब तीस वर्ष से इसकी सुनवाई हाईकोर्ट में चल रही थी। मुकदमे के एक पक्षकार की उम्र करीब 90 वर्ष है और दूसरे पक्षकार की दो पीढियां मुकदमे लड़ते लड़ते दुनिया से चली गई।

मामला श्रीगंगानगर निवासी स्वर्गीय सूरजमल की सम्पत्ति से जुड़ा है। सूरजमल ने दो विवाह किए। अपनी सम्पत्ति के बंटवारे में उन्होंने अपनी एक पत्नी और उसके बच्चों को कुछ नहीं देकर सारी सम्पत्ति दूसरी पत्नी को दे दी। यहीं से यह विवाद शुरू हुआ। वर्ष 1959 में श्रीगंगानगर के अपर जिला न्यायाधीश के समक्ष सूरजमल के वारिसों ने यह मामला पेश किया।

वर्ष 1977 में इस मामले में पहली डिक्री पारित हुई और करीब 28 वर्ष पश्चात 5 दिसम्बर 1987 को न्यायाधीश ने फैसला दिया। इस फैसले को 1988 में राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।

हाईकोर्ट में तीस बरस से जारी सुनवाई के बाद आखिर बुधवार को न्यायाधीश दिनेश माहेश्वरी ने फैसला सुना दिया। इस फैसले के अनुसार सूरजमल की सम्पत्ति के पांच हिस्से किए जाएंगे।

इसमें से दो हिस्से पहली पत्नी के बेटे बंशीधर व उसके स्वर्गीय भाई के परिवार को व तीन हिस्से सूरजमल की दूसरी पत्नी के बेटों के वारिसों को मिलेंगे। सम्पत्ति विवाद की इस कानूनी लड़ाई लड़ते-लड़ते एक पक्ष की दो पीढियां खत्म हो गई और तीसरी पीढ़ी ने यह मुकदमा जारी रखा। वहीं मूल पक्षकार बंशीधर मुकदमा लड़ते-लड़ते नब्बे वर्ष के हो गए।