जयपुर। राजस्थान में भ्रूण लिंग परीक्षण रोकने वाली पीसीपीएनडीटी सैल की टीम ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो वाॅशिंग मशीन के पाइप में एलईडी बल्ब लगाकर फर्जी ढंग से भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहा था। रविवार को जयपुर के पास चैमू के मोरीजा गांव स्थित एक घर से गिरोह के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है।

सैल ने लिंग जांच में काम में ली गई वॉशिंग मशीन की पाइप, चार्जेबल एलईडी बल्ब व बोलेरो गाड़ी बरामद की है। मिशन निदेशक नवीन जैन ने बताया कि चैमू में एक गिरोह द्वारा अवैध रूप से लिंग जांच की करने की सूचना गत कई माह से मिल रही थी। पुष्टि के बाद रविवार को गर्भवती महिला सहित पीसीपीएनडीटी टीम को चैमू भेजा गया।

दलाल के बताए अनुसार गर्भवती महिला को चैमू के मोरीजा गांव लेकर गए। जैन ने बताया कि आरोपियों ने एक चार्जेबल एलईडी बल्ब को वॉशिंग मशीन की पाईप से लगाकर गर्भवती महिला के पेट पर घुमाया ताकि यह महसूस हो कि सोनोग्राफी मशीन के माध्यम से ही लिंग जांच की जा रही है। इसके बाद गर्भवती महिला को गर्भ में लड़की ही बताई और गर्भपात के लिए प्रेरित किया।

आरोपियों द्वारा गर्भवती महिला को कहा गया यदि वो आज ही गर्भपात करवाती हैं और पैसा नहीं है तो भी वे गर्भपात कर देगें। पैसे वो एक या दो दिन बाद में दिए जा सकते है।

बोलेरो गाड़ी के मालिक सुरेन्द्र इस गिरोह में मुख्य डॉक्टर की भूमिका निभाता था तथा अन्य सहयोगियों से पैसे व गर्भवती महिला को लाने या ले जाने का काम करवाता था। टीम ने आरोपियों के साथ ही काम में लिए गए सभी उपकरण व बोलरो गाड़ी व दी गई राशि बरामद की गई।