जयपुर। राजस्थान में एक बार फिर गुर्जर आंदोलन भड़क सकता है। लोकसभा चुनाव से पहले गुर्जर समाज ने 'अबकी बार, आखिरी बार' का नारा लेकर शुक्रवार, 8 फरवरी को आंदोलन की चेतावनी दी है। शुक्रवार से प्रस्तावित गुर्जर आरक्षण आंदोलन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है।

गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने समाज को आर पार की लड़ाई के साथ तैयारी पूरी कर आंदोलन में आने की अपील की है। सरकार ने भी प्रस्तावित आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए कानून व्यवस्था के लिहाज से तैयारी शुरू कर दी है।

मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने पुलिस महानिरीक्षक कपिल गर्ग को गुर्जर बाहुल्य इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सवाई माधोपुर रेलवे ट्रैक पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

मालूम हो कि अब तक गुर्जर आरक्षण की मांग को लेकर चार बार आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन हर बार आरक्षण की कुल सीमा 50 फीसदी से ज्यादा होने की वजह से गुर्जर आरक्षण पर कोर्ट से रोक लग जाती है।

बयाना का पीलूपुरा पहले भी गुर्जर आंदोलन का मुख्य केंद्र बना था और कहा जा रहा है कि आगामी आंदोलन के लिए वही स्थान चुना जा सकता है। यहां भारी तादाद में गुर्जर समुदाय के लोग रहते हैं। इसके अलावा बयाना गांव दिल्ली-मुंबई को जोड़ता है और यहां होने वाला आंदोलन रेल से लेकर सड़क व्यवस्था को ठप कर देता है।

इससे पहले हुए गुर्जर आंदोलन में रेलवे को काफी नुकसान हुआ था। कई ट्रेनें प्रभावित हुई थीं। ट्रैक उखाड़ दिए गए थे।