जयपुर। राजस्थान में आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जरों ने रेल पटरियों पर कब्जा कर लिया है और इसका खामियाजा रेल यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। रविवार को भी सवाई माधोपुर-बयान रूट से गुजरने वाली ट्रेनों को रद्द किया गया या रूट बदला गया। रेलवे के मुताबिक, ऐसी 10 ट्रेनों के यात्रियों को परेशान होना पड़ा है।

इस बीच, आंदोलन की अगुवाई कर रहे कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि जब तक उन्हें 5 फीसदी आरक्षण नहीं मिल जाता, गुर्जर पटरियों पर बैठे रहेंगे।

यात्रियों को दिल्ली से रतलाम होकर जाना पड़ा कोटा

राजस्थान के सवाई माधोपुर-बयाना जंक्शन सेक्शन के मलारना-निमोड़ा स्टेशनों के बीच चल रहे गुर्जर आंदोलन से रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इससे मुंबई-दिल्ली मार्ग की 16 ट्रेनों को रद्द किया गया। जबकि छह ट्रेनें आंशिक रूप से निरस्त की गई। वहीं 14 ट्रेनों को मार्ग बदलकर चलाया गया।

ट्रेनों के परिचालन में आई बाधा के चलते रतलाम में इस मार्ग की लगभग सभी ट्रेनें घंटों देरी से आई। दिल्ली से कोटा जाने वाले यात्रियों को भोपाल से रतलाम आने के बाद लोकल ट्रेनों से कोटा जाना पड़ा। इधर, ट्रेनों में विलंब और निरस्त होने की वजह से कई यात्रियों ने अपनी यात्रा स्थगित की।

मंत्री से बोले -जो होगा, यहीं होगा

पांच फीसद आरक्षण की मांग को लेकर रेल की पटरियों पर बैठे गुर्जर आंदोलनकारियों और सरकार के बीच शनिवार शाम हुई पहले दौर की वार्ता में बात नहीं बनी। सरकार की ओर से वार्ता का न्योता लेकर पहुंचे मंत्री विश्वेंद्र सिंह को गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने साफ कर दिया कि वार्ता के लिए कोई प्रतिनिधिमंडल कहीं नहीं जाएगा। जो भी बात होगी, यहीं होगी। हमारा आंदोलन जारी रहेगी।