उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर में वृद्धावस्था पेंशन की आस में तीन दिनों से कतार में लगे बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। मृतक का नाम भीखाराम था और उनकी उम्र 70 साल थी। मृतक आदिवासी बहुल क्षेत्र कोटड़ा के ग्राम मालवा का चौरा के रहने वाला था। मृतक वह तीन दिन से अपने गांव धौलादेव से चार किलोमीटर पैदल चलकर आने के बाद बैंक की कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। गुरुवार को वह गश खाकर गिर गए और मौके पर ही दम तोड़ दिया।

शुक्रवार को बेकरिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मृतक का पोस्टमार्टम किया गया। गौरतलब है कि मालवा का चौरा गांव में पंजाब नेशनल बैंक की एकमात्र शाखा है, जिसमें आसपास की 12 ग्राम पंचायतों के करीब 43 हजार खाते हैं। इलाके में अन्य किसी बैंक की शाखा नहीं होने से इसी शाखा में लेनदेन होता है। बैंक संबंधी काम के लिए ग्राहकों का नंबर दो-तीन दिन तक कतार में लगने के बाद ही आता है।

बैंक में सुबह छह बजे से लग जाती है पेंशनधारियों की कतार

बैंक की मालवा का चौरा गांव शाखा में पेंशन की राशि लेने के लिए सुबह छह बजे से ही पेंशनधारियों की कतार लग जाती है। घासफूस और खजूर के पत्तों से बनी झोपड़ी में रहने वाले भीखाराम के परिवार का गुजारा भी उसकी पेंशन से ही चल रहा था। अनाज और घर खर्च के लिए वह तीन दिन से बैंक की कतार में लग रहे थे, लेकिन अत्यधिक भीड़ होने से उनका नंबर ही नहीं आ रहा था। भीखा के परिवार में उनकी पत्नी और 26 वर्षीय निशक्त बेटा रूपा गरासिया है। दरअसल, खाताधारकों की संख्या अधिक और बैंक की एक ही शाखा होने से समस्या हो रही है। बुजुर्ग पेंशन के लिए बैंक की कतार में कई दिनों तक घंटों लगने को मजबूर हैं।

डेढ़ दशक से दूसरी शाखा खुलवाने की मांग चल रही है मालवा का चौरा गांव या आसपास के क्षेत्र में एक और बैंक की शाखा खुलवाने के लिए ग्रामीण पिछले डेढ़ दशक से मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने पंचायत, जिला परिषद सदस्य, जिला प्रशासन सभी से इसकी मांग की, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो सका है।

मैं कोई भी जानकारी देने के लिए अधिकृत नहीं हूं। - असीम यादव, बैंक शाखा प्रबंधक

बैंक ने अपनी ओर से 20 से 22 एजेंट नियुक्त किए हैं। उनका काम घर-घर पेंशन पहुंचाना है। बावजूद इसके बैंक के बाहर पेंशनधारकों की कतार लगती है। -मुकेश जैन, पंजाब नेशनल बैंक के उप महाप्रबंधक