जयपुर। आधार से मोबाइल नंबर लिंक करने के लिए देशभर में अभियान चलाया जा रहा है। इस बीच, राजस्थान के जयपुर से इससे जुड़ी धोखाधड़ी का केस सामने आया है। एक शख्स को अपना मोबाइल नंबर आधार से लिंक करवाना करीब एक लाख रुपए का पड़ा। आप भी पढ़ें पूरा किस्सा और सावधान रहें -

यह मामला है एसके बृजवानी का। बृजवानी की गलती यह रही कि उन्होंने इस काम के लिए किसी अंजान शख्स पर भरोसा कर लिया। वे मोबाइल को आधार से लिंक करवाने गए और सामने वाले को अपनी सिम दे दी। आरोपी ने उस सिम को बंद कर दिया और उन्हें नया मोबाइल नंबर जारी कर दिया।

इसके बाद पुरानी सिम का उपयोग करते हुए बृजवानी के बैंक खाते से एक लाख 10 हजार रुपए निकाल लिए। बकौल बृजवानी, मुझे फोन आया था कि सिम को आधार से लिंक नहीं किया तो नंबर बंद हो जाएगा। इसी संबंध में एसएमएस भी आया। मैं सर्विस सेंटर गया तो पता चला सिम बंद हो गई है। उन्होंने दूसरा नंबर दे दिया। अगले दिन बैंक गया तो धोखाधड़ी का पता चला।

बहरहाल, स्थानीय गांधीनगर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में है।

मालूम हो, सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड की बैंक व मोबाइल के आलावा अन्य योजनाओं से लिंकिंग अनिवार्य करने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2018 तक बढ़ा दी। सर्वोच्च न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने बीते दिनों केंद्र सरकार द्वारा तारीख बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

इसके बाद अब जो लोग अपना आधार नंबर अपने बैंक खाते, मोबाइल नंबर या किसी अन्य स्कीम से लिंक नहीं करवा पाए हैं वो आसानी से 31 मार्च तक यह काम पूरा कर सकते हैं।