जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के प्रत्याशियों की पहली सूची भी दिवाली बाद तक टलती दिख रही है। टिकटों की माथापच्ची छोड़कर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित सभी नेता शुक्रवार से तीन दिन तक महासम्पर्क अभियान के तहत घर-घर जाकर वोटरों से मिलेंगे और भाजपा के लिए वोट मांगेंगे।

राजस्थान के भाजपा के टिकटों को लेकर जयपुर में दो दिन तक चली कोर कमेटी की बैठक के बाद कोर कमेटी बुधवार को दिल्ली चली गई थी और वहां केन्द्रीय मंत्री तथा राजस्थान के चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर के घर दो दौर में लंबी बैठकें हुई। इसके बाद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के साथ भी बनाए गए पैनलों पर चर्चा की गई, लेकिन पार्टी सूत्रों की मानें तो अभी कई सीटों को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। यही कारण रहा कि सभी नेता रात में ही वापस जयपुर लौट आए।

सूत्रों का कहना है कि वैसे तो दिल्ली में संसदीय बोर्ड की बैठक थी और यह बताया जा रहा था कि जिन नामों पर सहमति बन गई है, उन्हें संसदीय बोर्ड की बैठक में रख दिया जाएगा ताकि दिवाली से पहले से एक सूची जारी की जा सके, लेकिन अब यह मामला दिवाली बाद तक टल गया है।

बताया जा रहा है कि आलाकमान इस मामले में कोई जल्दबाजी नहीं चाहता। वैसे भी राजस्थान में नामांकन प्रक्रिया 12 नवम्बर से है। ऐसे में अभी पार्टी के पास पर्याप्त समय है। इस बीच कांग्रेस की सूची भी आ सकती है, जिसे देख कर आवश्यक बदलाव किए जा सकते है।

टिकटों की मशक्कत को लेकर जब चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक गजेन्द्र सिंह शेखावत से पूछा गया तो उन्होंने सीधे तौर पर कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर को केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक राजस्थान को लेकर नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश को लेकर हुई है। थी। उन्होंने कहा कि यह पार्टी का संसदीय बोर्ड ही तय करेगा किसे टिकट मिलेगा, किसका टिकट कटेगा। लेकिन यह जरूर है कि पार्टी सभी 200 सीटों पर एक राय बनाने का प्रयास कर रही है, जिससे जल्द से जल्द टिकट वितरण हो सके।

कांग्रेस की सूची भी दीवाली के बाद

राजस्थान मे भाजपा ही नहीं अब कांग्रेस की सूची भी दीवाली के बाद ही आएगी। प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने इस बारे में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अभी एक बैठक हुई है। दो-पांच दिन में फिर बैठक होगी और दीवाली बाद ही पहली सूची जारी होगी।

कांग्रेस की पहली सूची को लेकर यह अटकलें लगाई जा रही थी कि 40 नामों की पहली सूची पार्टी दिवाली से पहले जारी कर देगी, क्येांकि इसमें ज्यादातर वे नाम थे, जिनके टिकट कटने की कोई सम्भावना नहीं है। लेकिन दिल्ली में चले बैठकों के दौर के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि केन्द्रीय चुनाव समीति (सीईसी) की पहली बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। सभी नेताओं ने मिलकर कई नामों पर आम राय बना ली है साथ ही अन्य नामों पर चर्चा अभी जारी है।

पायलट ने कहा कि आगामी 3 से 5 दिन में एकबार फिर से सीईसी बैठक होगी जिसके बाद पहली सूची फाइनल कर ली जाएगी। पायलट ने कहा कि पहली सूची अब दिवाली के बाद ही आएगी। सचिन पायलट ने कहा कि सीईसी ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। सीईसी 200 सीटों पर आम सहमति बनाने का प्रयास कर रही है। जल्द ही इस पर आम सहमति बनाकर प्रत्याशी तय कर लिए जाएंगे। पायलट ने इस दौरान मीडिया में छपी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि अभी नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी और उनसे वरिष्ठ नेताओं से राय ली गई हैं। अंतिम निर्णय राहुल गांधी के नेतृत्व वाली सीईसी करेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कुछ नामों पर यानि पहली सूची के पैनल को लगभग तैयार कर लिया गया है।

इस बीच राजस्थान मे अन्य दलों के साथ गठबंधन के सवाल पर पायलट ने कहा कि बुधवार को उन्होंने लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव से मुलाकात की थी, क्योंकि पार्टी यह चाहती है कि यूपीए चेयरपरसन सोनिया गांधी के नेतृत्व में 17 राजनीतिक दलों ने भाजपा के खिलाफ महागठबंधन बनाया जाए। इसके लिए प्रयास किए जा रहे है। हालांकि चुनाव लड़ने के मामले में अभी बातचीत चल रही है।