जयपुर। सत्ता में आने के बाद वसुंधरा राजे सरकार के एक के बाद एक निर्णय बदलने में जुटी अशोक गहलोत सरकार अब रिसर्जेट राजस्थान में हुए 3.37 लाख करोड़ के 240 एमओयू रद्द करने की तैयारी कर रही है। इनमें अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस एनर्जी समूह और गौतम अडानी का अडानी ग्रुप जैसी कंपनियों के एमओयू भी शामिल हैं।

गौरतलब है कि वसुंधरा राजे सरकार ने नवंबर 2015 में रिसर्जेंट राजस्थान समिट का आयोजन कर विभिन्न समूहों के साथ 470 एमओयू किए थे। इनमें से 145 एमओयू तो खुद वसुंधरा राजे सरकार ने ही निरस्त कर दिए थे। वहीं, 240 एमओयू गहलोत सरकार रद करने की तैयारी कर रही है ।

पहले नोटिस देगी सरकार

उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा ने बताया कि तीन साल में मात्र 124 एमओयू ही ऐसे रहे, जिन पर काम हुआ । इससे राज्य को 12 हजार करोड़ रुपये का निवेश मिला। रिलायंस और अडानी ग्रुप जैसी बड़ी कंपनियों ने काम शुरू तक नहीं किया । इस कारण उन्हें नोटिस दिए जाएंगे ।

नोटिस के बावजूद यदि काम नहीं शुरू हुआ तो एमओयू रद्द होंगे। उन्होंने बताया कि पर्यटन एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए एमओयू अधिक विफल रहे । एमओयू करते समय तत्कालीन सरकार ने औद्योगिक घरानों को कई तरह की सुविधा देने का वादा किया था,लेकिन फिर भी इन्होंने यहां काम करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।