मनीष गोधा, जयपुर। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो, वीडियो और एक फोटो से राजस्थान में सरकार और भाजपा के लिए परेशानियां खड़ी हो रही हैं। पिछले पांच दिन में ऐसे तीन कंटेंट वायरल हो चुके हैं जो पार्टी और सरकार के बड़े नामों से जुड़े हैं।

उपचुनाव की हार के बाद राजस्थान में सत्तारूढ भाजपा और इसकी सरकार के लिए कई तरह की परेशानियां सामने आ रही हैं और इनमें एक सोशल मीडिया भी है। पिछले शनिवार से अब तक भाजपा के एक विवादित विधायक ज्ञानदेव आहूजा का ऑडियो, खुद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बयान का वीडियो और अब उनकी सरकार के एक मंत्री का कथित फोटो राजस्थान में चर्चा का विषय बने हुए है और सरकार के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं।

अपने विवादित बयानों के लिए पहचाने जाने वाले भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने उपचुनाव की हार के बाद किसी कार्यकर्ता से बातचीत में जो कुछ कहा, उसका विवाद अभी तक शांत नहीं हो रहा है। उनकी बातचीत के वायरल हुए ऑडियो के बाद हालत यह हो गई है कि वे स्वयं और अलवर में उपचुनाव हारे श्रम मंत्री जसवंत यादव बयानों में एक-दूसरे को पागल तक ठहरा चुके हैं। इस ऑडियो में आहूजा ने कहा था कि यह हार सरकार की है और इस बारे में वे पहले ही आलाकमान को बता चुके हैं।

इसके बाद सोमवार को बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में राजे एक पत्रकार के सवाल के जवाब में कहती दिख रही हैं कि बजट घोषणाएं आठ माह में पूरा होने की कोई गारंटी नहीं है।

हालांकि इसी लाइन के बाद उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार इन घोषणाओं को पूरा करने का पूरा प्रयास करेगी, लेकिन वायरल करने वालों ने सिर्फ पहला हिस्सा ही वायरल किया और यह वीडियो यहां चर्चा का विषय बन गया। कांग्रेस ने भी इसे मुद्दा बनाया और कहा कि सरकार ने खुद ही मान लिया कि घोषणाएं पूरी नहीं हो सकती।

तीसरा मामला बीती रात सामने आया जब सडक पर खुले आम लधुशंका करते एक व्यक्ति का फोटो वायरल हुआ। वायरल करने वालों का दावा है कि यह फोटो सरकार के चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ का है। फोटो में एक सरकारी गाडी और एक अन्य व्यक्ति भी खडा दिख रहा है। यह फोटो काफी वायरल हो रहा है।

कांग्रेस विधायक और पार्टी के सचेतक गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि सरकार स्वच्छता अभियान के नाम पर बच्चों को परेशान कर रही है, लेकिन सरकार के मंत्री ही अभियान का मखौल उड़ा रहे हैं। जयपुर नगर निगम को इनसे भी पेनाल्टी वसूल करनी चाहिए।