जयपुर। जॉर्जिंया के कार्गो विमान एंटेनॉव-12 को जयपुर एयरपोर्ट पर वायुसेना की ओर से उतरने को मजबूर कर दिए जाने के मामले में एक नई जानकारी सामने आई है। CRPF, जयपुर पुलिस और एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक विमान के दोनों पायलट रशियन थे, जो संकेत और भाषा नहीं समझ सके थे। ऐसे में ATC से जब संपर्क जुड़ा तो भी वह एयर स्पेस के नियमों का पालन सही तरीके से नहीं कर सके।

गौरतलब है कि वाया पाकिस्तान दिल्ली आ रहा विमान भारतीय सीमा के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश कर गया था। ऐसे में जोधपुर एयरबेस से वायुसेना ने कार्गो विमान के पायलट को बार-बार इंटरसेप्ट किया। एयरकॉल किया, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आने पर दो सुखोई MKI-30 लड़ाकू विमानों ने उसे घेरकर जयपुर एयरपोर्ट पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया था। सुरक्षा एजेंसियां बार-बार आपात आदेश देती रहीं, मगर विमान बीच-बीच में रूट बदलता रहा।

एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक विमान भारतीय सीमा में 27 हजार फीट ऊंचाई पर करीब 95 मिनट तक उड़ता रहा । सूत्रों के अनुसार विमान में भारतीय रक्षा मंत्रालय का सामान था। जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच कर रहे अधिकारियों ने शुक्रवार रात रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय से मिले निर्देशों के बाद ही विमान को दिल्ली के लिए रवाना किया।

बताया जाता है कि विमान ने शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे जॉर्जिंया से भारत के लिए उड़ान भरी थी। उधर, शनिवार को दिनभर जयपुर एयरपोर्ट और जोधपुर एयरबेस पर सुरक्षा इंतजाम को लेकर अधिकारी बैठकों में व्यस्त रहे।