उदयपुर। उदयपुर और उसके आसपास के इलाकों में बजरी माफिया का आतंक इतना बढ़ गया है कि अब वह पुलिसवालों का भी अपहरण करने लगे हैं। ताजा वाकिये में बजरी के डंपरों को टोल फ्री नहीं करने से नाराज बजरी माफिया ने टोल प्लाजा के मैनेजर और पुलिसकर्मी का भी अपहरण कर लिया। जब दबंगों को पता चला कि वो पुलिसकर्मी को उठा लाए तो मारपीट के बाद दोनों को जंगल में छोड़ कर भाग गए।

अपहरण एवं मारपीट करने वालों में से एक क्षेत्र का ए श्रेणी का हिस्ट्रीशीटर भी शामिल था। घटना के बाद हरकत में आई पुलिस ने दबंगों को घेरने की कोशिश की तो वह अपनी स्कार्पियो कार जंगल में छोड़ भागे। घटना को लेकर टोल प्लाजा मैनेजर ने अपहरण, लूट एवं मारपीट का मामला दर्ज कराया है।

जानकारी के अनुसार, घटना चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा मार्ग की है। जहां टोल मैनेजर वामन राठौड़ गंगरार पुलिस थाने के सिपाही धर्मेन्द्र कुमार के साथ कार से भीलवाड़ा की ओर रवाना हुए थे। सिपाही धर्मेंद्र पिछले दिनों टोल

प्लाजा पर हुई लूट के सीसीटीवी फुटेज लेबोरेट्री में क्लियर करवाने के लिए उनके साथ जा रहा था। वह सादा वर्दी में था। सोनियाना के समीप उनकी कार के सामने एक स्कोर्पियो कार आकर रूकी। उसमें सवार पांच-छह दबंग एक साथ निकले तथा टोल मैनेजर की कार को घेर लिया। टोल मैनेजर ने जैसे ही कार का फाटक खोला हमलावरों ने कार चालक को बाहर खींचकर निकाला तथा हमलावरों में चार टोल मैनेजर की कार में घुसे और उंडवा रोड की ओर ले गए।

हमलावरों की स्कार्पियो उनके पीछे चल रही थी। अपहर्ताओं ने टोल मैनेजर एवं उनके साथ बैठे सिपाही धर्मेन्द्र से मारपीट की। पिटाई के दौरान धर्मेन्द्र ने जब अपना पुलिस का आईडी बताया तो वह संभले तथा दोनों को बीच जंगल में छोड़कर अपनी कार से फरार हो गए। इसी बीच टोल मैनेजर के कार चालक ने घटना की जानकारी पुलिस को दी तो पुलिस नाकाबंदी में जुट गई।

कुछ घंटे बाद उनकी स्कार्पियो जंगल से बरामद हुई लेकिन सभी फरार हो चुके थे। इसके बाद पुलिस ने कई जगह दबिश दी लेकिन उनका पता नहीं चला। अपहरणकर्ताओं में एक ए श्रेणी का हिस्ट्रीशीटर, एक के खिलाफ कई थानों में मामले दर्ज थानाधिकारी शिवलाल मीणा ने बताया कि इस घटना को लेकर देवदा निवासी पप्पू पुत्र चतरा गुर्जर, गोविन्द पुत्र नारायण गुर्जर, दौलाजी का खेड़ा निवासी भैरूलाल पुत्र हेमराज गुर्जर एवं गोपाल पुत्र कूका गुर्जर को नामजद किया है।

टोल मैनेजर ने पुलिस को बताया कि बदमाशों ने उनकी सोने की अंगूठी छीन ली। इनमें से भैरूलाल एक श्रेणी का हिस्ट्रीशीटर है जबकि पप्पू के खिलाफ क्षेत्र के विभिन्न थानों में लूटपाट के कई मामले दर्ज हैं। बताया जाता

है कि ये बदमाश पिछले सात-आठ साल से दबंगई कर रहे हैं। बजरी माफिया से लेकर व्यापारियों को धमकाकर उनसे पैसे वसूलने को इन लोगों ने धंधा बना रखा है। जनसुनवाई में आवाज उठाई तो किया था जानलेवा हमला

उक्त वारदात में आरोपियों के खिलाफ जनसुनवाई में जोजरों का खेड़ा निवासी संतोष अहीर ने आवाज उठाई तो इन लोगों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया था। जनसुनवाई के दौरान ही उन्होंने जान से मारने की धमकी लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की।