जयपुर। राजसमंद में लाइव मर्डर के आरेापी शंभूनाथ ने स्वीकार किया है कि उसे अफराजुल खान नहीं बल्कि किसी अज्जू शेख नाम के व्यक्ति की तलाश थी और वह उसी की हत्या करना चाहता था। शंभू को पुलिस ने रिमांड पर ले रखा है।

उसने पुलिस को बताया कि उसे उसके किसी परिचित ने अज्जू शेख के बदले अफराजुल का नंबर दे दिया था और फोन पर बात करते हुए उसे अफराजुल की आवाज अज्जू शेख जैसी ही लगी थी ऐसे में उसने उसका नाम पूछे बिना ही उसे कंस्ट्रक्शन कराने के नाम पर मौका-ए-वारदात पर बुला लिया और उसकी हत्या कर दी।

अफराजुल ने शंभू से कहा था कि वो नाथद्वारा में है इसलिए आ नहीं सकता। ऐसे में 6 दिसंबर को दोनों के बीच तय हुआ कि वो शंभू से मिलने मौके पर पहुंच जाएगा वहीं शंभू ने एक दिन पहले ही उसकी हत्या करने का रिहर्सल किया।

शंभूलाल ने बताया कि तीन साल पहले उसका अज्जू शेख नाम के व्यक्ति से पश्चिम बंगाल जाने की बात को लेकर विवाद हुआ था जिसके बाद वो भड़काऊ वीडियो देखने लगा और अज्जू की हत्या करने का फैसला कर लिया।

अज्जू की हत्या करके शंभू धार्मिक कट्टरता का संदेश देना चाहता था। इसलिए बदले की नीयत से उसने अफराजुल को ही मार दिया। राजसमंद में फिलहाल शांति है लेकिन पुलिस का भारी जाब्ता अब भी वहां तैनात है।