जयपुर। राजस्थान के चूरू जिले में आठ साल के दूसरी क्लास में पढ़ने वाले बच्चे के पेट में भ्रूण होने का मामला सामने आया है। यहां के राजकीय डीबी अस्पताल में इस सर्जरी के जरिए भ्रूण निकाला गया। यह अर्ध विकसित व मृत था, जो पेट में (ट्यूमर) गांठ की तरह दिख रहा था। बच्चे का पेट काफी ज्यादा फूला हुआ था। डॉक्टरों के अनुसार पांच लाख बच्चों के जन्म में एक केस में होता है।

जयपुर। चुरू में आठ साल के बच्चे के पेट में तकलीफ होने पर जब उसकी जांच की गई तो चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। जांच में पाया गया कि बच्चे के पेट में एक भ्रूण था। भ्रूण अर्ध विकसित व मृत था। बच्चे का पेट फूला हुआ था और उसमें टयूमर होने की आशंका जताई थी। डॉक्टरों के अनुसार पांच लाख बच्चों के जन्म में एक केस में होता है।

पेट में भ्रूण का मामला सुजानगढ़ तहसील के गांव मूंदड़ा के जगदीश मेघवाल के आठ साल के बेटे दिनेश का है। बच्चे की हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने पहले सोनोग्राफी व सिटी स्कैन कराया तो सामने आया कि पेट मे ट्यूमर जैसा कुछ है जिसमें हड्डियां, बाल, कोशिकाएं व एक बच्चे के विकसित होने वाले कोशिकाएं व अंग दिख रहे थे। डॉक्टरों ने बच्चे की जान को खतरा देखते हुए तुरंत ऑपरेशन करने का फैसला किया।

डॉक्टरों की टीम ने 6 घंटे तक ऑपरेशन किया और सफलतापूर्वक टयूमर को बाहर निकाल दिया। ऑपरेशन के बाद बच्चे को आईसीयू में भर्ती किया गया है और उसकी स्थिति अब बेहतर बताई जा रही है। डॉक्टरों के मुताबिक इस बीमारी को फिटस इन फीटू कहा जाता है। इसमें जब मां के पेट में बच्चा बनता है तब उस बच्चे के अंदर बच्चा बनना शुरू हो जाता है लेकिन वह विकसित नहीं हो पाता है। डॉक्टरों के अनुसार यह रोग दिनेश के जन्म से ही विकसित हो रहा था। दिनेश के पेट से निकाले गए भ्रूण में आधा अधूरा सिर, लंबे बाल , पैर की बड़ी हड्डियां पैर के पंजे सहित अन्य सभी अंग दिखाई दे रहे हैं।

रोगी के माता-पिता ने बताया कि दिनेश जब 1 साल का था उसी समय से उसका पेट बढ़ने लगा था और परिजन इसे सामान्य समझ रहे थे। कई जगह इन्होंने दवा भी दिलवाई थी। 8 दिन पहले ही यह अपने गांव मुंदड़ा से इसे लेकर चूरू आए थे। चूरू में चिकित्सकों ने जांच के बाद इसके पेट में गांठ ही समझी थी लेकिन किसी को नहीं पता था कि 8 साल के बच्चे के पेट में भ्रूण पल रहा है।