जोधपुर। यूं तो कई यात्रियों को एयरपोर्ट की अव्यवस्थाओं के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है लेकिन जब किसी जज साहब के साथ ऐसा हुआ तो उन्होंने एयरपोर्ट अथॉरिटीज की क्लास लगा दी। राजस्थान हाई कोर्ट के जज को दिल्ली एयरपोर्ट पर एक कड़वा अनुभव हुआ। जोधपुर से उनकी फ्लाइट को क्लियरेंस नहीं मिली तो उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर एक घंटे इंतजार करना पड़ा।

न्यायमूर्ति संगीत लोढा ने जोधपुर हवाई अड्डे के विस्तार और कनेक्टिविटी से संबंधित पीआईएल की सुनवाई के दौरान अपनी नाराजगी व्यक्त की और शुक्रवार को हवाईअड्डे के उच्च अधिकारियों को तलब किया।

न्यायमूर्ति लोढा ने गुरुवार को दिल्ली से जोधपुर की उड़ान भर दी थी। लेकिन पार्किंग के लिए जगह की अनुपलब्धता के कारण फ्लाइट को दिल्ली एयरपोर्ट पर एक घंटे इंतजार करना पड़ा क्योंकि जोधपुर एयरपोर्ट अथॉरिटीज से क्लियरेंस नहीं मिला था।

जस्टिस लोढा ने कहा, 'कितनी खराब व्यवस्था है। मुझे दिल्ली से जोधपुर आना पड़ा था, लेकिन जोधपुर हवाई अड्डे से कोई क्लियरेंस नहीं था, इसलिए मेरी फ्लाइट को एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। आश्वासन के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ।'

जोधपुर पहुंचने के बाद, जोधपुर हवाई अड्डे पर हैंगर और रनवे की संख्या के बारे में पूछताछ की गई और उचित जवाब न मिलने उन्होंने शुक्रवार को हवाईअड्डे के उच्च अधिकारियों को बुलाया। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में तीन हैंगर थे और चार अतिरिक्त हैंगर्स के लिए काम प्रगति पर था, जो अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा।

जमीन अधिग्रहण का काम भी अभी चल रहा है, इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई के लिए 26 जुलाई की तारीख तय की। यह याद दिला दें कि लिब्रा इंडिया की एक पीआईएल ने महत्वपूर्ण शहरों और हवाईअड्डे के विस्तार के साथ जोधपुर हवाई अड्डे की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए प्रार्थना की है ताकि अधिक उड़ानें और सुविधाएं समायोजित हो सकें।

हवाईअड्डे के विस्तार का कार्य पहले से ही शुरू हो चुका है और इंस्ट्रुमेंटल लैंडिंग डिवाइस के रूप में जाना जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण डिवाइस पहले ही स्थापित किया जा चुका है।