जयपुर। राजस्थान की राजनीति में 16 साल तक एकछत्र राजनीति करने के बाद राष्ट्रीय राजनीति में बुला ली गई राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधर राजे के लोकसभा चुनाव लड़ने की सम्भावना बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि वे झालावाड़-बारां लोकसभा सीट से मैदान में उतर सकती है। अभी उनके पुत्र दुष्यंत सिंह यहां से सांसद है।

राजस्थान में इस बार का विधानसभा चुनाव हारने के बाद पार्टी आलाकमान ने वसुंधरा राजे को दो अन्य पूर्व मुख्यमंत्रियों सहित शिवराज सिंह और रमन सिंह के साथ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि शिवराज और रमन सिंह को भी लोकसभा चुनाव लड़ाए जाने की चर्चा है। कुछ ऐसा ही वसुंधरा राजे के साथ भी हो सकता है ताकि उन्हें पूरी तरह राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय किया जा सके। वे अपनी परम्परागत सीट झालावाड़-बारां से लोकसभा चुनाव लड़ सकती है। वैसे उनका गृह जिला धौलपुर है, लेकिन वे लम्बे समय से झालावाड़ जिले के झालरापाटन विधानसभा क्षेत्र से जीत कर विधानसभा में पहुंच रही है। उनके पुत्र दुष्यंत सिंह भी तीन बार से यहीं से सांसद है।

पहले यह सीट सिर्फ झालावाड़ थी, लेकिन परिसीमन के बाद इसे झालावाड़-बारां सीट कर दिया गया है। ऐसे में अब इस सीट में चार विधानसभा सीट झालावाड़ की और चार सीट बारां जिले की शामिल है। पार्टी सूत्रों की मानें तो इस बार सत्ता परिवर्तन के कारण दुष्यंत सिंह के लिए यह जीत मुश्किल हो सकता है। वैसे भी वे यहां से तीन बार सांसद रह चुके है।

साल 2009 में भी जब राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी तो दुष्यंत को जीता कर लाने में राजे को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी, जबकि उस समय तो वे नेता प्रतिपक्ष थी और पूरी तरह राजस्थान में सक्रिय थी। अब पार्टी ने उन्हें राष्टीय उपाध्यक्ष बना कर राजस्थान से थोड़ा दूर कर दिया है।

ऐसे में पार्टी स्वयं राजे को ही यहां से लोकसभा चुनाव लड़वा सकती है और यदि वे जीतती है तो दुष्यंत को उनकी खाली हुई झालरापाटन की सीट से मौका दिया जा सकता है। झालावाड़ बारां के अलावा उनके लिए जयपुर और करौली-धौलपुर सीटों की भी चर्चा है।