विशाल राठौर, इंदौर। आकस्मिक स्थिति में चिकित्सा उपलब्ध करवाने के लिए शुरू की गई इमरजेंसी हेल्पलाइन '108' के लिए काम करने वाला महिला स्टाफ मनचलों के फोन से परेशान है। फोन करने वाले इनसे व्यक्तिगत जानकारी मांगने के साथ अभद्रता कर धमकी भी देते हैं।

छह माह में स्टाफ के पास 18 लाख फालतू कॉल पहुंचे हैं। प्रदेशभर से आ रहे इस तरह के कॉल से परेशान कंपनी अफसरों ने इसकी शिकायत कोहेफिजा थाना भोपाल में की है। शिकायत के साथ 36 मोबाइल नंबर भी दिए गए हैं जिनसे बार-बार कॉल कर लड़कियों को तंग किया जा रहा है।

फोन पर लड़कियों से दुर्व्यवहार करने का सिलसिला महीनों से चल रहा है। रोज इस तरह के हजारों कॉल आने और मामला गंभीर होने के बाद पुलिस को शिकायत की गई है। बीते छह महीने में कंपनी ने 42 लाख 28 हजार 591 कॉल रिसीव किए। इनमें से 23 लाख 75 हजार 572 काम के थे। वहीं 18 लाख 53 हजार 19 कॉल परेशान करने वाले थे। इनमें लड़कियों को अपशब्द कहने, मोबाइल रिचार्ज, गैस कनेक्शन संबंधी समस्या, डीटीएच केबल से जुडे सवाल करने वाले शामिल हैं।

अकेले मार्च में 7.69 कॉल मिले

सर्विस प्रोवाइडर कंपनी जिगित्सा हेल्थ केयर लि. ने परेशान करने वाले कॉल के आंकड़े निकाले तो अधिकारी खुद ही चौंक गए। जांच में सामने आया कि रोज ऐसे 10 हजार से ज्यादा कॉल आ रहे हैं। अकेले मार्च में 7 लाख 69 हजार 309 कॉल मिले। इनमें से 3 लाख 91 हजार 383 कॉल फालतू के थे। छह महीने की औसत संख्या के आधार पर हर महीने 7 लाख 4 हजार 765 कॉल आ रहे हैं। इनमें से 3 लाख 8 हजार 837 कॉल परेशान करने वाले होते हैं। लड़कियों की शिफ्ट (सुबह 6 से दोपहर 3 बजे) में सबसे ज्यादा कॉल आते हैं।

तीन महीने में एक नंबर से 3728 बार कॉल

- अधिकृत जानकारी के मुताबिक हर महीने जो औसतन 7 लाख 4 हजार 765 कॉल आते हैं इनमें से 3 लाख 39 हजार 151 सिर्फ लड़कियों की शिफ्ट में ही आते हैं।

- कंपनी को छह महीने में जो 42 लाख 28 हजार 591 कॉल प्राप्त हुए उनमें से 20 लाख 34 हजार 904 लड़कियों की शिफ्ट में आए।

- एक मोबाइल नंबर ऐसा भी है जिससे तीन महीने (जनवरी से मार्च 2018) में 3728 बार कॉल किए गए हैं। इसी तरह एक ही नंबर से 2384 बार और 2329 बार तक कॉल किए जा चुके हैं।

जरूरतमंद की जान से खिलवाड़

एम्बुलेंस सेवा के अधिकारियों ने बताया कि फिजूल के कॉल से इमरजेंसी सेवा के सारे फोन व्यस्त हो जाते हैं। संभव है इस दौरान कोई ऐसा व्यक्ति भी फोन कर रहा हो जिसे वास्तव में जरूरत हो। कई बार ऐसा भी होता है कि जानबूझकर घटना की गलत जानकारी दी जाती है और तुरंत एम्बुलेंस पहुंचाने को कहा जाता है। कॉल सेंटर से एम्बुलेंस तो मौके पर पहुंचा दी जाती है लेकिन वहां कोई नहीं मिलता है।

पुलिस को शिकायत की है

बार-बार कॉल कर परेशान करने वाले नंबरों को चिह्नित कर पुलिस को शिकायत की गई है। ये नंबर भी ब्लॉक कर दिए हैं, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर मदद मिल सके।

- जितेंद्र शर्मा, प्रोजेक्ट हेड, जिगित्सा हेल्थ केयर लि.

जांच कर कार्रवाई करेंगे

एम्बुलेंस सेवा कंपनी ने मोबाइल नंबरों के साथ शिकायत की गई है। जल्द ही जांच कर कार्रवाई करेंगे।

- अनिल बाजपेयी, प्रभारी, कोहेफिजा थाना भोपाल