-बड़वानी कॉलेज के दो प्राध्यापक कर रहे हैं निमाड़ के नायक की अबूझ कहानी पर शोध

बड़वानी(मध्‍यप्रदेश)। निमाड़ के रॉबिनहुड कहलाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भीमा नायक का मृत्यु प्रमाण-पत्र पहली बार सामने आया है। उनकी मृत्यु 29 दिसंबर 1876 को पोर्ट ब्लेयर में हुई थी। नायक की जीवन की अबूझ सचाइयों को जानने के लिए यूजीसी स्वीकृत शोध परियोजना पर काम कर रहे पीजी कॉलेज बड़वानी के दो प्राध्यापकों को नई दिल्ली के राष्ट्रीय अभिलेखागार में रखे ढेरों दस्तावेजों में से यह प्रमाण हाथ लगा है।

शोधार्थी डॉ. पुष्पलता खरे व डॉ. मधुसूदन चौबे का दावा है कि भीमा नायक की मृत्यु को लेकर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं थी। राष्ट्रीय अभिलेखागार नई दिल्ली से जो दस्तावेज मिला है उससे जाहिर होता है कि मृत्यु प्रमाण-पत्र तत्कालीन पोर्ट ब्लेयर व निकोबार के कनविक्ट रिकॉर्ड डिपार्टमेंट से जारी किया गया था। डॉ. चौबे ने बताया कि भीमा नायक ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया था। अंग्रेज सरकार द्वारा उनके खिलाफ दोष सिद्ध होने पर उन्हें पोर्ट ब्लेयर व निकोबार में रखा गया था।

उपयोगी सिद्ध होगा साक्ष्य

भीमा नायक के वास्तविक फोटो को लेकर भी अब तक कोई साक्ष्य नहीं है। अब तक बताए जा रहे फोटो या स्कैच महज काल्पनिक हैं। उन्होंने उम्मीद जाहिर की है कि आने वाले समय में भीमा नायक से संबंधित अन्य कई महत्तवपूर्ण जानकारियों को एकत्रित किया जाएगा।

धोखे से पकड़ा था भीमा को

भीमा नायक के जीवन को लेकर अब भी कई तथ्य अबूझ ही हैं। हालांकि अब तक हुए शोध के अनुसार भीमा का कार्य क्षेत्र बड़वानी रियासत से वर्तमान महाराष्ट्र के खानदेश क्षेत्र तक रहा है। 1857 में हुए अंबापानी युद्ध में भीमा की महत्वपूर्ण भूमिका थी। अंग्रेज जब भीमा को ऐसे नहीं पकड़ पाए तो उन्हें उनके ही किसी करीबी की मुखबिरी पर धोखे से पकड़ा गया था। शोध में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया है कि उस समय जब तात्या टोपे निमाड़ आए थे तो उनकी मुलाकात भीमा नायक से हुई थी। उस दौरान भीमा ने उन्हें नर्मदा पार करने में सहयोग किया था।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भीमा नायक के विषय में मिलने वाली तथ्यात्मक जानकारियों के संग्रह से जिले का गौरव बढ़ेगा। निमाड़ के इस नायक की स्मृति में शासन द्वारा स्मृति केंद्र बनाया जा रहा है। यदि शोध में कोई आवश्यकता पड़ी तो शासन से मदद दिलाएंगे। - रवीन्द्रसिंह, कलेक्टर बड़वानी