लोकेश सोलंकी, इंदौर। दीक्षांत समारोह के लिए बनवाए गए पगड़ी-जैकेट को देवी अहिल्या विवि किराए पर देने लगा है। डेढ़ हजार रुपए में बनवाई गई इस पोशाक की डिपॉजिट राशि भी प्रति सेट डेढ़ हजार रुपए ही जमा कराई जा रही है। किराया है ढाई सौ रुपए। पहली बुकिंग भोपाल के माखनलाल पत्रकारिता विवि ने कराई। अब महू की आंबेडकर यूनिवर्सिटी किराया देकर यह पोशाक कबूल कर रही है। देवी अहिल्या विवि ने काला गाउन और हैट पहनने का चलन बदलकर प्रदेश में पहली बार भारतीय पोशाक में दीक्षांत समारोह मनाने का फैसला लिया।

30 मार्च को हुए दीक्षांत समारोह से पहले विवि ने जैकेट व मालवी पगड़ी के साथ गले में डाले जाने वाले उत्तरीय (दुपट्टा) को अधिकारिक पहनावा तय किया। इसके लिए 400 से ज्यादा जैकेट और मालवी पगड़ी भी बनवा ली। इस पर विवि ने करीब एक से डेढ़ हजार रुपए (प्रति सेट) खर्च किए। इंदौर की देखा-देखी यह परंपरा दूसरे विश्वविद्यालयों ने शुरू की।

किराए के साथ डिपॉजिट भी : किराए की जैकेट के ऊपर संबंधित विवि को अपने यहां सिर्फ उत्तरीय (गले में पहना जाने वाला दुपट्टा) बदलना होता है क्योंकि उत्तरीय पर संबंधित विवि का लोगो छपा होता है। आंबेडकर विवि ने डेढ़ सौ जैकेट-पगड़ी किराए पर मांगे हैं। विक्रम विवि उज्जैन ने भी पूछताछ की है। देवी अहिल्या विवि ढाई सौ रुपए किराए के साथ हर जोड़ी के लिए डेढ़ हजार रुपए डिपॉजिट जमा करवा रहा है। पगड़ी का किराया अलग है।

उपराष्ट्रपति ने भी पहना

भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विवि का तीसरा दीक्षांत समारोह 16 मई को आयोजित हुआ। इसके लिए विवि ने देवी अहिल्या विवि से पोशाख किराए पर ली। समारोह में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान अतिथि थे। डिग्री लेने वाले छात्रों के साथ इन अतिथियों ने भी जैकेट और पगड़ी पहनी।

अन्य विवि से शुल्क ले रहे हैं क्योंकि हर उपयोग के बाद ड्राइक्लिनिंग होती है। - प्रज्ज्वल खरे, उप कुलसचिव, देवी अहिल्या विवि