सेंधवा (बड़वानी)। मप्र में डीजल- पेट्रोल पर वैट टैक्स अधिक होने से डीजल-पेट्रोल के दाम पड़ोसी राज्यों विशेषकर यूपी और महाराष्ट्र में कम होने से मप्र की सीमा स्थित डीजल-पेट्रोल पंपों पर धंधा मंदा रहता है। हालत यह है कि पंप संचालन भी मुश्किल हो चला है।

ऐसे में मप्र की सीमा पर सेंधवा स्थित डीजल पंप संचालक अनुज खंडेलवाल ने आकर्षक उपहार योजना का सहारा लिया है। इसमें डीजल भरवाने पर बाइक, एसी, लेपटॉप आदि उपहार रखे हैं। इससे डीजल बिक्री में 30 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है।

अनुज ने बताया कि शहर से 19 कि मी दूर महाराष्ट्र स्थित पलासनेर में डीजल प्रति लीटर 1 रुपए 25 पैसे तक कम दाम पर मिलता है, इसलिए कोई भी ट्रक मालिक, चालक और कार चालक यहां से डीजल नहीं भराता है। ऐसे में पंप संचालन व कर्मचारियों का वेतन निकालना मुश्किल हो गया था।

जानकारी अनुसार 11 सितंबर की स्थिति में मप्र में डीजल पर 22 फीसदी और पेट्रोल पर 28 फीसदी वैट टैक्स है। अनुज ने बताया कि 1 लाख लीटर डीजल खरीदी पर बाइक या एक्टिवा, 50 हजार लीटर डीजल खरीदी एसी या 36 इंच एलसीडी या 160 लीटर का फ्रीज, 40 हजार लीटर डीजल खरीदी पर 21 इंच एलसीडी या लैपटॉप, 25 हजार लीटर डीजल खरीदी पर फु ल ऑटोमेटिक वाशिंग मशीन या स्क्रीन टच मोबाइल, 15 हजार लीटर डीजल खरीदी पर बड़ा कू लर या अलमारी या सोफा सेट, इसी प्रकार 5 हजार लीटर डीजल खरीदी पर भी उपहार योजना शुरू की है। कोई भी ग्राहक अलग-अलग समय में उक्त मात्रा में डीजल भरवाकर योजना का लाभ ले सकता है। खरीददार की डायरी बनाकर उसमें समय-समय पर भरे जाने वाले डीजल की इंट्री की जाती है।

मप्र और उप्र में 5 रुपए अंतर

वैट के कारण मप्र की सीमा स्थित बुरहानपुर में भी पंप संचालक परेशान हैं। बुरहानपुर के पंप संचालक रुपिंदर कीर ने बताया कि यहां से महाराष्ट्र के रावेर में 1 रुपए से 70 पैसे कम तक डीजल मिलता है, इसलिए महाराष्ट्र जाने वाले लोग डीजल वहीं से खरीदते हैं। शिवपुरी के पंप संचालक मनोज अरोरा ने बताया कि मप्र की सीमा स्थित शिवपुरी, टीकमगढ़, दतिया से उप्र की सीमा 22 से 75 कि मी दूर है। उप्र में यहां से करीब 5 रुपए प्रति लीटर डीजल के भाव कम होने से धंधा खत्म जैसा हो चुका है।

कीर ने बताया कि क्षेत्र के कि सान तो संयुक्त रूप से उप्र की सीमा से बड़े ड्रमों में डीजल खरीदकर लाकर उपयोग करते हैं, इससे उन्हें हजारों रुपए की बचत होती है। पंप सचालकों की मांग है कि प्रदेश में डीजल पर वेट टैक्स कम करते हुए पड़ोसी राज्यों की भांति कि या जाना चाहिए, जिससे पंप संचालन की दिक्कतें दूर हो सके । वेट के बढ़ होने से प्रदेश की सीमा पर पंप संचालन मुश्किल हो गया है।