रायपुर(छत्‍तीसगढ़)। राजधानी के डॉ. भानुप्रताप सिंह ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सबसे अधिक डाक टिकट का कलेक्शन कर नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। डॉ. भानुप्रताप सिंह पेशे से डॉक्टर हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने इससे पहले कई लिमका और गिनीज रिकॉर्ड अपने नाम किया है।

उन्होंने बताया कि गिनीज में इससे पहले महात्मा गांधी ने नाम पर कैटेगिरी नहीं थी। सालों की मेहनत से उन्होंने यह रिकॉर्ड बनाया, साथ ही उन्हें इस कैटेगिरी को गिनीज में जुड़वाने में भी बहुत मेहनत करनी पड़ी। गिनीज से पहले लिमका बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी बिगेस्ट कलेक्शन ऑफ महात्मा गांधी स्टैम्प में नाम आ चुका है। साथ ही उन्होंने महात्मा गांधी पर एक किताब 'बापू- ए जर्नी फ्रॉम मोहनदास टू महात्मा' भी लिखी है।

डॉ. भानुप्रताप सिंह के पुराने रिकॉर्ड

- 2013 में रोलैण्ड हिल थीम पर स्टैम्प कलेक्शन में गिनीज में अपना नाम, जो कि पहले जयपुर के अरविंद झा के नाम पर था, उसे तोड़कर नया रिकॉर्ड कायम किया, जिसमें उन्होंने 1200 के रिकॉर्ड को अपने 1671 से तोड़ा।

- लिमका में इनरेगुलर सिक्कों का रिकॉर्ड

- बिगेस्ट साइज ऑफ एनवोलप का रिकॉर्ड

- रंगीन सिक्कों के कलेक्शन का रिकॉर्ड

- अलग-अलग प्रकार के सिक्कों का रिकॉर्ड

- डाक सिक्कों का रिकॉर्ड

- क्वाइन ऑन स्टैम्प का रिकॉर्ड

- फस्ट डे कवर का रिकॉर्ड

- रोल एंड हिल रिकॉर्ड

- क्वीन एलिजाबेथ स्टैम्प का रिकार्ड के आलावा कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।

वर्ल्ड रिकॉर्ड की दुनिया में कदम

डॉ. भानुप्रताप बताते हैं कि बचपन से ही उन्हें चीजों के कनेक्शन का शौक था, जिसे देखकर उन्हें वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का आइडिया आया। वे दूसरे देशों के महारथियों की चीजें के कलेक्ट करते ही थे, पर भारतीय होने के नाते उन्हें महात्मा गांधी पर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का सोचा और अपने इस सपने को पूरा किया।

बेटे आदित्य का भी है रिकॉर्ड

डॉ. भानुप्रताप सिंह के बेटे आदित्य प्रताप सिंह ने कुछ दिनों पहले विश्व का सबसे बड़ा स्क्रू डाइवर बनाकर गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाया है। आदित्य ने 20 फुट 11.5 इंच का स्क्रू डाइवर रायपुर के मैग्नेटो मॉल में बनाया था।

यूथ को होना चाहिए दृढ़ निश्चयी

डॉ. भानुप्रताप यूथ को अपना संदेश देते हुए कहते हैं कि कोई भी काम मेहनत के बिना नहीं किया जा सकता। अगर आपको कहीं भी अपना नाम बनाना है तो आपको मेहनत करनी ही पड़ेगी। अगर एक बात आप ने दिल में ठान ली है उसे पूरा करने की रहना चाहिए। यूथ हमारे देश का भविष्य हैं। यदि वे दृढ़ निश्चयी होकर काम करें तो हमारा देश अन्य देशों से कहीं आगे जा सकता है।