विकास पांडेय, बिलासपुर। कोरबा, छत्तीसगढ़ के बाल्को वनपरिक्षेत्र में वन विभाग ने 1400 साल पुराने साल के पेड़ को संरक्षित किया है। पादप विज्ञानियों ने वैज्ञानिक परीक्षण के बाद इसकी उम्र की पुष्टि की है, जो इसे भारत के ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे पुराने जीवित वृक्षों में शुमार करती है। क्षेत्रीय ग्रामीण और आदिवासी इस महावृक्ष को देवतुल्य मानते आए हैं।

हजार वर्ष पुराने गिनती के पेड़ : दुनिया में हजार वर्ष पुराने जीवित वृक्ष अंगुलियों पर गिने जा सकते हैं। एरीजोना, अमेरिका स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टकसन में मौजूद लेबोरेटरी ऑफ ट्री रिंग रिसर्च (एलटीआरएस) यह काम करती है। यह डेंड्रोक्रोनोलॉजी यानी वृक्षों की उम्र को निर्धारित करने की आधुनिक विधि की विश्वस्तरीय संस्था है। इसके द्वारा अमेरिका के कैलीफोर्निया स्थित व्हाइट माउंटेन्स में ग्रेट बेसिन ब्रिस्टलकोन नामक पाइन प्रजाति के वृक्ष की उम्र 5067 साल आंकी गई है।

इस लिहाज से इसे दुनिया के सर्वाधिक उम्रदराज जीवित वृक्ष का खिताब दिया गया है। इस सूची में दूसरे नंबर पर चिली में मौजूद 3647 साल पुराना ग्रेन एब्युएलो नामक फिट्जरोया प्रजाति का वृक्ष है। तीसरे नंबर पर है ग्रीस में मौजूद 1075 साल पुराना बोस्नियन पाइन ट्री। इसे 2016 में यूरोप का सबसे उम्रदराज पेड़ घोषित किया गया।

ऐसे होता है उम्र का निर्धारण : एलटीआरएस द्वारा पेड़ों की उम्र का निर्धारण (डेंड्रोक्रोनोलॉजी) ट्री रिंग यानी तने की विभिन्न् परतों की गणना कर किया जाता है। तने का विकास परत-दर-परत होता है। इसके अलावा कार्बन डेटिंग पद्धति से भी पेड़ की उम्र की सटीक गणना की जाती है।

सूची में जगह बना सकता है साल महावृक्ष : अब यदि भारत की बात करें तो छत्तीसगढ़ के कोरबा वनक्षेत्र में खड़ा 1400 साल पुराना साल का वृक्ष, जिसकी उम्र की पुष्टि वन विभाग ने की है, उक्त सूची में बोस्नियन पाइन ट्री को पीछे छोड़ सकता है।

2006 में हुई थी खोज : कोरबा का सतरेंगा गांव साल वृक्षों के प्राकृतिक खजाने के लिए पहचान रखता है। यहां 2006 में इस महावृक्ष की खोज हुई थी। जब इस महावृक्ष का विशेषज्ञों ने बारीकी से अध्ययन किया, तब इसकी उम्र 1400 साल पाई गई। देहरादून स्थित वानिकी प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए परीक्षण में भी इसकी उम्र की पुष्टि की गई। महावृक्ष की ऊंचाई 28 मीटर से अधिक है। जमीनी सतह पर गोलाई 28 इंच है।