हरिचरण यादव, भोपाल। एक साल पहले ऑर्डर देना पड़ता है। तब गोबर गणेश की प्रतिमा मिलती है। भोपाल के दो युवा कलाकार आनंद नंदेश्वर और निखिल खत्री खुद ये प्रतिमाएं बनाते हैं और दूसरों को प्रशिक्षण भी देते हैं।

दोनों ने संस्कार भारती से जुड़कर पर्यावरण को बचाने के लिए यह बीड़ा उठाया है। इस बार दोनों ने 50 से अधिक प्रतिमाएं बनाईं हैं। इन मूर्तियों के लिए उन्हें एक साल पहले ही ऑर्डर मिले थे।

वे बताते हैं कि एक पांच इंच की प्रतिमा बनाने में 12 से 15 रुपए खर्च आता है, लेकिन समय अधिक लगता है। नंदेश्वर बताते हैं कि गर्मी के दिनों में गाय का गोबर एकत्रित कर उनके गोल आकार के कंडे बनाकर रख लेते हैं।

बाद में इन कंडों को बारीक पीसते हैं और हल्की चिकनी मिट्टी मिलाकर प्रतिमा बनाते हैं। इसकी काफी मांग रहती है। शास्त्रों में गोबर के ही गौर गणेश बनाने की मान्यता रही है।