सियोल। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन मंगलवार को सिंगापुर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। वर्ष 2011 में सत्ता संभालने के बाद से वह गिनी-चुनी बार ही देश से बाहर निकले हैं। दो बार पड़ोसी चीन और एक बार दक्षिण कोरिया की यात्रा कर चुके किम पहली बार देश से इतनी दूर जा रहे हैं। ऐसे में एक बहुत बड़ा प्रश्न उठ रहा है कि जब वह देश से बाहर होंगे तो उनके न्यूक्लियर बटन का कंट्रोल किसके पास होगा?

किम ने इस साल की शुरुआत में दावा किया था कि उनकी मेज पर न्यूक्लियर बटन है जिसे वह जब चाहे दबा सकते हैं। उनके इस बयान पर यह अनुमान लगा था कि उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों का नियंत्रण उनके पास ही है। किम के दावे का जवाब देते हुए ट्रंप ने तब ट्वीट किया था, "मेरे पास भी न्यूक्लियर बटन है जो अधिक बड़ा व शक्तिशाली है और वह काम भी करता है।"

कहा जा रहा है कि सिंगापुर में जब ट्रंप-किम की बहुप्रतीक्षित वार्ता हो रही होगी तो ट्रंप के साथ मौजूद अमेरिकी अधिकारियों के पास "न्यूक्लियर बटन" होगा। फुटबाल के आकार वाले इस बटन में परमाणु हमले के लिए जरूरी उपकरण मौजूद हैं। किम भी इस तरह का कोई उपकरण लेकर गए हैं या नहीं उस पर असमंजस है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अपने परमाणु हथियारों की सुरक्षा सुनिश्चित किए बगैर किम वार्ता में शामिल नहीं होंगे। उत्तर कोरियाई परमाणु नीति के विशेषज्ञ एंड्रयू नील ने कहा, हमें पता नहीं कि उनकी संचार क्षमता कितनी मजबूत है और किम सिंगापुर से अपने नेशनल कमांड अथॉरिटी के संपर्क में किस प्रकार रहेंगे? माना जा रहा है कि किम ने कुछ चुनिंदा और भरोसेमंद अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी गई होगी।