देहरादून, गुरुवेंद्र नेगी। उत्तराखंड की देवभूमि कुदरत के बेशुमार खजाने के साथ प्राचीन मंदिरों के लिए भी जानी जाती है। प्रकृति के चमत्कार यहां चप्पे-चप्पे पर फैले हुए हैं। एक ऐसा ही चमत्कार हिम शिवलिंग का चीन सीमा से लगे गांव नीती के टिम्मरसैंण में हैं, जहां महादेव प्राकृतिक रूप से बर्फ के बने शिवलिंग के रूप में विद्यमान है। बर्फ का शिवलिंग एक गुफा में है।

सब कुछ उम्मीदों के अनुरूप रहा तो श्रद्धालु आगामी 10 फरवरी से चमोली जिले के चीन सीमा से लगे गांव नीती के टिम्मरसैंण स्थित गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे। शीतकाल में यहां बर्फ से बनने वाले शिवलिंग और स्थानीय लोगों की आस्था को देखते हुए शासन ने यह निर्णय लिया है।

इस यात्रा का उद्देश्य जहां श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को नए धार्मिक और पर्यटन स्थलों से परिचित कराना है, वहीं स्थानीय लोगों की आजीविका के रूप में भी इसे कारगर कदम माना जा रहा है।

फिलवक्त पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर की ओर से जिलाधिकारी चमोली को इस संबंध में आवश्यक तैयारी के निर्देश दिए गए हैं।

चमोली जिले में ब्लॉक मुख्यालय जोशीमठ से करीब 82 किमी की दूरी पर देश का अंतिम गांव नीती है। गांव से एक किमी पहले मुख्य मार्ग से करीब 700 मीटर की दूर टिम्मरसैंण नामक स्थान पर महादेव की एक छोटी-सी गुफा है।

ग्रीष्मकाल में स्थानीय गांवों के लोग गुफा में पूजा-अर्चना को पहुंचते हैं। वहीं, शीतकाल में यहां महादेव बर्फ से बने शिवलिंग के रूप में दर्शन देते हैं।

इस जानकारी से सबसे पहले 'दैनिक जागरण' ने देश-दुनिया को परिचित कराया था।

अपर आयुक्त गढ़वाल मंडल हरक सिंह रावत ने भी बीते वर्ष नवंबर में यहां पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे। उन्होंने इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर आयुक्त के अलावा शासन को भी भेजी थी। इसमें फरवरी के दौरान यहां भी अमरनाथ की तर्ज पर यात्रा शुरू कराने का सुझाव दिया गया था।

इसी क्रम में शासन ने आगामी दस फरवरी से यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया है। अपर आयुक्त गढ़वाल मंडल हरक सिंह रावत ने बताया कि इस संबंध में सचिव पर्यटन की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस यात्रा के बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।

बबूक उडियार में बनता है शिवलिंग

अपर आयुक्त ने बीते वर्ष स्थानीय लोगों से भी महादेव के इस रूप में प्रकट होने संबंधी जानकारी जुटाई। बताया गया कि जिस स्थान पर बर्फ का शिवलिंग दिखाई देता है, उसे स्थानीय लोग बबूक उडियार के नाम से जानते हैं। हालांकि, पहले इसकी जानकारी सिर्फ स्थानीय लोगों को होती थी।