ज्योतिष में रत्नों का बड़ा महत्व है। हर राशि के लिए प्रकृति में पाए जाने वाले कुछ विशेष पत्थर अहम भूमिका निभाते हैं। इन्हीं पत्थरों को तो हम रत्न कहते हैं। ये पत्थर आमतौर पर हमारे राशि चक्र से संबंधित होते हैं और इसे पहनने से संबंधित राशि वाले को कई फायदे होते हैं। हम आपको सलाह देंगे कि कोई भी रत्न धारण करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी को अपनी कुंडली जरूर दिखा लें।

मेष-मूंगा: मेष राशि चक्र का पहला संकेत है और यह एक अग्नि चिन्ह है। इस राशि का स्वामी मंगल ग्रह होता है। मेष राशि के जातक अत्‍यंत क्रोधी स्‍वभाव के होते हैं। इससे प्रभावित जातक छोटी-छोटी बातों पर भी उत्‍तेजित हो जाते हैं। ये जिद्दी स्‍वभाव के भी होते हैं। ऐसे में इनका जन्मरत्न मूंगा होता है, जो जातक को शांति देता है।

वृषभ-पन्ना: वृष राशि चक्र की दूसरी राशि है, जिसका स्वामी ग्रह शुक्र है। वृषभ का तत्व पृथ्वी है। इन जातकों में भावुकता की अधिकता होती है, जो इनकी सबसे बड़ी कमी मानी जाती है। ये लोग किसी पर भी जल्‍दी भरोसा कर लेते हैं। इसलिए वृषभ राशि के जातकों को पन्ना धारण करना चाहिए। हीरे के प्रभाव से वृषभ राशि के जातक बुरी संगत से दूर रहेंगें। हीरे की जगह ओपल भी पहन सकते हैं। इस राशि के व्यक्ति को माणिक्य और मूंगा नहीं पहनना चाहिए।

मिथुन-पन्ना: मिथुन राशि के जातकों के स्वामी ग्रह बुध होते हैं। जातक आकर्षक और कला के प्रेमी होते हैं। इन्‍हें जीवन में सफलता देरी से मिलती है। मिथुन राशि का जन्मरत्न पन्ना धारण होता है। यह जातक के व्यक्तित्व के साथ ही उसके संबंधों और जीवन में वित्तीय मामलों में बड़ा प्रभाव डाल सकता है।

कर्क-मोती: कैंसर राशि के स्वामी चंद्रमा होते हैं। जातक बुद्धिमान होते हैं, लेकिन यह जिद्दी होते हैं और मन अशांत रहता है। अपने जिद्दी स्‍वभाव के कारण कभी-कभी इन्‍हें नुकसान भी उठाना पड़ जाता है। कर्क राशि के जातकों को मोती पहनने से लाभ होता है क्योंकि इससे इनका मन शांत होता है।

सिंह-माणिक्य: सिंह राशि के जातक उदार, नेतृत्व की क्षमता वाले, निडर होते हैं, लेकिन इन्‍हें अपने जीवन में काफी संघर्ष करना पड़ता है। सिंह राशि के जातकों का जन्मरत्न माणिक्‍य होता है। इसे पहनने से उन्हें कार्यों में सफलता हासिल होती है।

कन्या-पन्ना: मिथुन राशि की तरह इसके स्वामी भी बुध होते हैं, लिहाजा इस राशि के जातक भी भावुक प्रवृत्ति के होते हैं। दूसरों के प्रति जल्‍दी आकर्षित हो जाते हैं। इनका चंचल स्‍वभाव ही इनकी सबसे बड़ी मुसीबत बन जाता है। हालांकि, ये कठिनाइयों से निपटना अच्‍छी तरह से जानते हैं। कन्‍या राशि के जातकों को पन्‍ना रत्‍न धारण करना चाहिए।

तुला-ब्‍लू डायमंड: तुला राशि के जातकों में विभिन्‍न खूबियां होती हैं। इन्‍हें कला से प्रेम होता है एवं पैसा कमाने के लिए ये सदैव उत्‍सुक रहते हैं क्योंकि इनके राशि स्वामी शुक्र होते हैं। ये जातक हमेशा दूसरों पर अपना वर्चस्‍व साबित करना चाहते हैं। ये स्‍वार्थी होते हैं। तुला राशि के जातकों का रत्न ओपल, ब्‍लू डायमंड और टोपाज है।

वृश्चिक-मूंगा: इन जातकों को जीवन में सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। हमेशा सही के साथ मजबूती से खड़े रहते हैं और जिद्दी भी होते हैं, लिहाजा कई बार नुकसान उठाते हैं। वृश्चिक राशि के जातकों को मूंगा धारण करना चाहिए, ताकि उन्हें प्रयासों का परिणाम सफलता के रूप में मिले।

धनु-पुखराज: धनु राशि के जातक दिखने में मजबूत और शक्तिशाली होते हैं। गुरू के स्वामी होने के कारण बुद्धिमान होते हैं। कार्य को तेजी से कर सकते हैं, लेकिन काम पूरा किए बिना दूसरों के ऊपर कार्य सौंप कर उस काम से हट जाते हैं। इसलिए इन्हें सफलता का पूरा क्रेडिट नहीं मिलता है। इस राशि के जातकों को पुखराज धारण करना शुभ होगा।

मकर-नीलम: मकर राशि के जातक हमेशा दूसरों की सहायता के लिए तत्‍पर रहते हैं। राशि स्वामी शनि होने के कारण इन जातकों को परिश्रम अधिक करना पड़ता है और चिंताएं घेरे रहती हैं। परिवार से भी इन्‍हें सहयोग नहीं मिल पाता। इनका भाग्य देर चमकता है। इन्हें नीलम रत्‍न धारण करना चाहिए।

कुंभ-नीलम: इस राशि के स्वामी भी शनि होते हैं। इस राशि के जातकों में ज्ञान की कोई कमी नहीं होती है। हालांकि, इनमें आत्‍मविश्‍वास काफी कम होता है। ये शारीरिक रूप से भी कमजोर होते हैं। इस राशि का शुभ रत्‍न नीलम है।

मीन-पुखराज: मीन राशि के जातक जीवन के प्रति काफी उत्‍साहित रहते हैं, बुद्धिमान होते हैं। दरअसल, इनके स्वामी भी गुरु होते हैं। इनका स्‍वास्‍थ्‍य ज्‍यादा अच्‍छा नहीं रहता। इन्‍हें पुखराज पहनने से राहत और सफलता मिलती है।