मल्टीमीडिया डेस्क। साल 2019 में कुल 5 ग्रहण लगेंगे। पहला सूर्यग्रहण साल के पहले ही हफ्ते में 6 जनवरी को लगेगा। यह सूर्यग्रहण पौष अमावस्या यानी 5 जनवरी की आधी रात के बाद 6 जनवरी की मध्य तक रहेगा। हालांकि यह भारत में नहीं दिखाई देगा। यूरोप, मध्य एशिया, अफ्रीका, अमेरिका में इसे साफ-साफ देखा जा सकते है।

इन बातों का रखें ध्यान

  • ग्रहण के दौरान खुले आसमान के नीचे नहीं रहना चाहिए।
  • लोगों की मान्यता है कि ग्रहण के तुरंत बाद किसी भी काम को करने से पहले नहाना चाहिए।
  • घर के मंदिर में रखी मूर्तियों को भी नहलाना या फिर गंगाजल छिड़कना चाहिए।
  • मूर्तियों और खुद को नहलाने के बाद पूरे घर में धूप-बत्ती कर शुद्धीकरण किया जाना चाहिए।
  • घर में या बाहर मौजूद तुलसी के पौधे को भी गंगाजल डालकर स्वच्छ करना चाहिए।
  • मान्यता है कि ग्रहण के बाद मन की शुद्धी के लिए दान-पुण्य भी करना चाहिए।

ऐसे होता है सूर्यग्रहण

पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमने के साथ-साथ अपने सौरमंडल के सूर्य के चारों ओर भी चक्कर लगाती है। दूसरी ओर, पृथ्वी का उपग्रह चंद्रमा भी पृथ्वी के चक्कर लगता है, इसलिए, जब भी चंद्रमा चक्कर काटते-काटते सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, तब पृथ्वी पर सूर्य आंशिक या पूर्ण रूप से दिखना बंद हो जाता है। इसी घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है।

बिना चश्मे के कभी भी सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए। सूर्य की तीव्र किरणों के पड़ने से आंखें खराब हो सकती है। सूर्यग्रहण को खास सोलर फिल्टर वाले चश्मों से ही देखना चाहिए।

इस मंत्र का करें जाप

सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए।

सूर्य मंत्र: ॐ घृणि सूर्याय नम:|| महामृत्युंजय मंत्र: ॐ त्र्यम्बक यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धन्म। उर्वारुकमिव बन्धनामृत्येर्मुक्षीय मामृतात् !!

2019 के सूर्यग्रहण

  • 6 जनवरी 2019: सुबह 4.05 बजे से 9.18 बजे
  • 2 जुलाई: रात्रि 11.31 बजे से 2.17 बजे
  • 26दिसंबर19: सुबह8.17 से 10.57 बजे

2019 के चंद्रग्रहण

  • 21 जनवरी: सुबह 9.03बजे से12.20 बजे
  • 16 जुलाई: दोपहर 1.31 बजे से शाम 4.40 बजे