भारतीय संस्कृति में माना जाता है कि विवाह के बाद लड़का और लड़की की नई जिंदगी शुरू होती है। प्रेम के इस बंधन को विवाह कहते हैं, जहां दो अनजान व्यक्ति ताउम्र साथ रहकर हंसी-खुशी, सुख-दुःख में ज़िंदगी भर साथ निभाते हैं।

लेकिन विवाह के बंधन में बंधने से पहले, पहली भूमिका घर के परिजन निभाते हैं। यदि आपका विवाह नहीं हो रहा हो? विवाह के समय कई तरह की परेशानियां आ रही हों? हो सकता है यह समस्याएं घर से जुड़े वास्तु के कारण हों। वास्तु एक चुंबक की तरह ऊर्जा देता है। यह अच्छी वैवाहिक जिंदगी के लिए बहुत जरूरी है।

ऐसे में हमें घर के वास्तु पर भी गौर करना चाहिए, ताकि भविष्य में जुड़ने वाला नया संबंध सुखमय रह सके। इसलिए जहां आप रहते हैं वहां इस बारे में इन 3 वास्तु टिप्स को नजरअंदाज बिल्कुल भी न करें।

अविवाहित लड़की का बेडरूम: किसी भी अविवाहित लड़की का बेडरूम दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर नहीं होना चाहिए। यह जगह अस्थिरता पैदा करती है। घर का बेड रूम यहां बिल्कुल नहीं होना चाहिए। संभव हो तो उत्तर-पश्चिम के भाग सबसे बेहतर होता है। अगर यह जगह उपलब्ध न हो तो पश्चिम दिशा भी बेहतर होती है।

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अविवाहित लड़के का बेडरूम: अविवाहित लड़कों को दक्षिण-पश्चिम दिशा बेहतर होती है। यदि किसी लड़के का विवाह नहीं हो रहा है तो हो सकता है इसके पीछे वास्तु संबंधी कारण हो, इसके लिए यदि वह दक्षिण-पश्चिम दिशा की तरफ सिर रखकर सोता है। तो संभब है उसका विवाह जल्द हो जाएगा।

तलाक और कलह का कारण: वैवाहिक जिंदगी में ये पल बहुत दुखद होते हैं। खुशनुमा जिंदगी के लिए इन कारणों से हमेशा दूर रहना चाहिए। आप जिस घर में रह रहे हों, वह घर वास्तु के लिहाज से बना होना चाहिए। इसमें रखे गए सुखद, धार्मिक सूचक, चिन्ह आपके जीवन में समृद्धि बढ़ाते हैं। इसके साथ नवदंपत्ति की अंडरस्टेंडिंग भी ऐसी परिस्थितियों में प्रभाव डालती है। अगर यह सब कुछ है तो आपके जीवन में इस तरह की समस्या कभी नहीं आएंगी।