मल्टीमीडिया डेस्क। चंद्रग्रहण का असर धरती और यहां रहने वाले हर शख्स पर पड़ता है। भारत में चंद्रग्रहण का ज्योतिषीय महत्व भी बहुत है। कारण - नव ग्रहों में सूर्य के बाद ज्योतिष में सबसे महत्वपूर्ण ग्रह चंद्रमा ही है। ज्योतिष में चंद्रमा के बिना कोई गणना नहीं की जा सकती है। इस तरह चंद्रग्रहण हर राशि पर असर डालता है। बुरे प्रभाव से बचने का सबसे आसान तरीका यह है कि ग्रहण काल में स्नान आदि से शुद्ध होकर भगवान शिव को रुद्राक्ष या रुद्राक्ष की माला अर्पित करें और शिव के सामने बैठकर ऊं चंद्रशेखराय नमः का जाप करें।

जानिए हर राशि पर असर और बुरे प्रभाव से बचने का उपाय

मेष - चतुर्थ भाव में चंद्रग्रहण होने से मां की सेहत पर असर पड़ सकता है। ग्रहण के दौरान ऊं नमः शिवाय मंत्र का 3 माला जाप करें।

वृषभ - तीसरे भाव में चंद्रग्रहण होने से भाई-बहनों में वाद-विवाद हो सकता है। सफेद चीजों का दान करें, सफेद कपड़ा या चावल का दान करें।

मिथुन - दूसरे भाव में चंद्रग्रहण होने से परिवार में अकारण कलह हो सकती है। परिवार के लोग कच्चे दूध से रुद्राभिषेक करें।

कर्क - सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। ऊं सोम सोमाय नमः का जाप करें।

सिंह - 12वें घर में चंद्रग्रहण होने से खर्च बढ़ सकता है। खर्च रोकने के लिए जरुरतमंद को दवा का दान करें। नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।

कन्या - चंद्रग्रहण 11वें घर में होने से लाभ में कमी आएगी और कार्यों में देरी हो सकती है। शिवलिंग पर कच्चे दूध से अभिषेक करें।

तुला - दशम भाव में चंद्रग्रहण आपके करियर में बदलाव ला सकता है। सफेद चीजों का दान करें, चंद्रमा के मंत्रों का जाप करें।

वृश्चिक - चंद्रग्रहण नवम् भाव में होने से पिता की सेहत में उचार-चढ़ाव हो सकता है। कार्यों में देरी हो सकती है। ग्रहण के दौरान पूजा पाठ में मन लगाएं।

धनु - अष्ठम भाव में चंद्रग्रहण होने से ससुराल पक्ष से बात बिगड़ सकती है। कोई दुर्घटना घट सकती है। पंचाक्षरी मंत्र ऊं नमः शिवाय का 11 माला जाप करें।

मकर - सप्तम भाव में चंद्रग्रहण होने से दांपत्य जीवन में तनाव हो सकता है। जीवनसाथी के साथ शिवजी के पूरे परिवार की पूजा करें।

कुंभ - छठे भाव में चंद्रग्रहण रोग और ऋण को बढ़ा सकता है। शिवलिंग पर शहद चढ़ाएं। ऊं नमः शिवाय के मंत्र का जाप करें।

मीन - पंचम भाव में चंद्रग्रहण होने से संतान के साथ समस्या हो सकती है। प्रेम संबंधों में दरार आ सकती है। भगवान शिव की पूजा करें। घर की उत्तर-पूर्व दिशा को हमेशा साफ रखें।