मल्टीमीडिया डेस्क। साल का पहला चंद्रग्रहण 21 जनवरी को होने वाला है। हालांकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा। भारतीय समयानुसार चंद्रग्रहण सुबह 10.11 बजे से शुरू होगा और 11.12 बजे तक रहेगा। ग्रहण का सूतक 20 जनवरी की रात 9 बजे से ही शुरू हो जाएगा।

वैसे तो साइंस के अनुसार यह एक विशुद्ध खगोलीय घटना है, लेकिन शास्त्रों में इसकी वृहद व्याख्या करते हुए इसके प्रभावों के बारे में बताया गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि सूतक और ग्रहण के दौरान संयम बरते और कुछ खास बातों से परहेज करे। ज्यादा से ज्यादा मन ही मन ईश्वर का ध्यान करे।

पौराणिक आख्यानों के अनुसार गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान खास सावधानी रखना चाहिए और अपने और अपने बच्चे के स्वास्थ्य के लिए भगवान खासकर श्रीकृष्ण के बालस्वरूप का ध्यान करते हुए सनातन गोपाल मंत्र का जाप करना चाहिए। ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। इस दौरान भूलकर भी देव प्रतिमाओं का स्पर्श न करे। बेहतर होगा की घर में जहां भी देव प्रतिमाएं या मंदिर है वहां पर परदा डाल दें या पट बंद कर दें।

ग्रहणकाल में घर में रहकर श्रीमदभागवत गीता का पाठ शुभफलदायी होता है। साथ ही इष्टदेव का ध्यान भी कर सकते हैं।

ग्रहण के दौरान निकलने वाली किरणों से खाना दूषित हो जाने की संभावना रहती है इसलिए यदि खाना बना लिया है तो उसमें तुलसी के पत्ते डाल दें।

ग्रहणकाल में चाकू आदि का इस्तेमाल न करें। यानी फल, सब्जी आदि न काटे।यह आपके और आपके परिवार के लिए अशुभ हो सकता है।

ग्रहण के बाद आटा, चीनी जैसी सफेद वस्तुओं का दान करना चाहिए।