मान्यता है कि दिवाली के दिन मां लक्ष्मी धरती पर भ्रमण के लिए निकलती हैं। हर कोई मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार प्रसाद चढ़ाता है। मगर, अाज हम आपको ऐसे पांच प्रसाद के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बिना मां लक्ष्मी की पूजा अधूरी मानी जाती है।

1. लक्ष्मी माता का प्रिय फल होने के कारण ही नारियल को श्रीफल कहा गया है। मां लक्ष्मी को नारियल का लड्डू, कच्चा नारियल और जल से भरा नारियल अर्पित करने वाले पर वह प्रसन्न होती हैं।

2. मां लक्ष्मी को पानी में उगने वाला फल मखाना बहुत प्रिय है। इसका कारण यह है कि यह पानी में एक कठोर आवरण में बढ़ता है और इसलिए यह हर तरह से शुद्ध और पवित्र होता है।

3. पानी में ही पैदा होने वाला एक और फल सिंघाड़ा भी मां लक्ष्मी के पसंदीदा फलों में से एक है। यह मौसमी फल है और सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद भी है।

4. चंद्रमा को देवी लक्ष्मी का भाई माना जाता है। चंद्रमा को सफेद वस्तु, औषधियों, 16 कलाओं का राजा माना जाता है। बताशे का संबंध भी चंद्रमा से होता है और यही वजह है कि बताशे मां लक्ष्मी को भी प्रिय हैं। इसीलिए दिवाली पर बताशे और चीनी के खिलौने का प्रसाद मां लक्ष्मी को लगाया जाता है।

5. धन की देवी कही जाने वाली माता लक्ष्मी को पान बहुत पसंद है। इसलिए पूजा के बाद देवी को पान का भोग जरूर लगाना चाहिए। इसके अलावा आप अपनी श्रद्धा और भक्ति के अनुसार, मां को फल, मिठाई, मेवे का भोग लगा सकते हैं।

मां लक्ष्मी की उपासना से केवल धन ही नहीं मिलता बल्कि इनकी पूजा से नाम और यश भी मिलता है। दाम्पत्य जीवन भी बेहतर होता है। देवी को प्रसन्न करने के लिए उनकी उपासना के नियम और सावधानियों के बारे में जानना जरूरी है:

- लक्ष्मी जी की पूजा का उत्तम समय होता है गोधूलि वेला या आधी रात।

- मां लक्ष्मी के उस प्रतिकृति की पूजा करनी चाहिए जिसमें वह गुलाबी कमल के पुष्प पर बैठी हों।

- पूजा सफेद या गुलाबी कपड़े पहनकर ही करनी चाहिए।

- मां लक्ष्मी को गुलाबी फूल खासतौर पर कमल चढ़ाना सबसे उत्तम होता है।