मल्टीमीडिया डेस्क। इस बार जुलाई में दो ग्रहण होंगे। साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 13 जुलाई को अमावस्या के दिन होगा। वहीं, 27 जुलाई को चंद्र ग्रहण होगा। इस बार सूर्यग्रहण 2.25 घंटे तक पुनर्वसु नक्षत्र व हर्षण योग में होगा। ग्रहण की शुरुआत सुबह 7.19 बजे से होगी, और मोक्ष 9.44 मिनट में होगा।

ग्रहणकाल का सूतक लगभग 12 घंटे पूर्व लगेगा। ग्रहण के समय सूर्य मिथुन राशि में होंगे और इनके साथ चंद्रमा भी मौजूद होंगे। यह सूर्यग्रहण भारत में नहीं दिख रहा है इसलिए इसके सूतक का विचार भारत में नहीं होगा। यह खण्डग्रास सूर्यग्रहण आस्ट्रेलिया के सुदूर दक्षिणी भागों विक्टोरिया, तस्मानिया, प्रशांत एवं हिंद महासागर में देखा जा सकेगा।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखने से उसका भारत पर असर नहीं होगा। फिर भी जिस नक्षत्र में ग्रहण होता है, उस राशि के जातकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

सूर्य ग्रहण आद्रा नक्षत्र, मिथुन राशि में होगा। यह राहु का नक्षत्र है, इसलिए इस नक्षत्र से संबंधित राशि वालों को कष्ट का सामना करना पड़ सकता है। कर्क, सिंह और मिथुन राशि वाले जातकों को सावधान रहना चाहिए। इनके बनते काम अटक सकते हैं। शारीरिक और आर्थिक परेशानी हो सकती है।

सूर्यग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए कर्क, सिंह व मिथुन राशि के लोग शिव का जाप करें। गरीबों को दान करें। ग्रहण काल के दौरान शिव चालीसा पढ़ें या भगवान शिव का जाप करें।