मल्टीमीडिया डेस्क। एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट 15 सितंबर से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में खेला जाएगा। इस वनडे फॉर्मेट के टूर्नामेंट में एशिया की 6 टीमें हिस्सा लेंगी। 28 सितंबर तक चलने वाले इस टूर्नामेंट के दौरान क्रिकेट प्रेमियों को चौकों-छक्कों की झड़ी देखने को मिलेगी, स्पिनरों की मददगार पिचों के मद्देनजर विकेटों की पतझड़ भी लग सकती हैं। इस दौरान कई रिकॉर्ड्स टूटेंगे और कई नए कीर्तिमान बनेंगे।

इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में दबदबा भारत का रहा, उसने छह बार तो श्रीलंका ने पांच बार यह खिताब अपने नाम किए हैं। लेकिन सबसे ज्यादा रन और सबसे ज्यादा विकेट के रिकॉर्ड्स श्रीलंकाई खिलाड़ियों के नाम दर्ज हैं। सनत जयसूर्या के नाम सबसे ज्यादा रनों का रिकॉर्ड है। उन्होंने 25 मैचों में 53.04 की औसत से 1220 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 6 शतक और 3 अर्द्धशतक भी लगाए।

उनके साथी कुमार संगकारा 24 मैचों में 48.06 की औसत से 1075 रन बनाकर दूसरे तथा भारत के सचिन तेंडुलकर 23 मैचों में 51.10 की औसत से 971 रनों के साथ तीसरे क्रम पर हैं। इस बार टूर्नामेंट में खेल रहे खिलाड़ियों में पाकिस्तान के शोएब मलिक के नाम 12 मैचों में 575 और भारत के महेंद्रसिंह धोनी के नाम 13 मैचों में 571 रन दर्ज है। इन दोनों के जयसूर्या को पार कर पाने की संभावना क्षीण नजर आती हैं।

मुरलीधरन का रिकॉर्ड तोड़ सकता है यह गेंदबाज

इस टूर्नामेंट में मुरलीधरन 24 मैचों में 28.83 की औसत से 30 विकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाज है। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 31 रनों पर 5 विकेट रहा है। श्रीलंका के अजंथा मेंडिस मात्र 8 मैचों में 3.98 की औसत से 26 विकेट लेकर दूसरे सफल गेंदबाज है।

पाकिस्तानी स्पिनर सईद अजमल 12 मैचों में 24 और श्रीलंकाई तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा 12 मैचों में 24 विकेट लेकर क्रमश: तीसरे और चौथे क्रम पर हैं। मुरलीधरन के सबसे ज्यादा विकेटों के कीर्तिमान को मलिंगा से खतरा है। मलिंगा को उन्हें पीछे छोड़ने के लिए 7 विकेट लेने होंगे।

यदि टी20 फॉर्मेट के विकेटों को शामिल किया जाए तो मलिंगा अभी तक इस टूर्नामेंट में कुल 28 विकेट ले चुके है, उस लिहाज से उन्हें मुरलीधरन को पीछे छोड़ने के लिए सिर्फ 3 विकेट चाहिए।

इस बार खेल रहे खिलाड़ियों में मलिंगा के बाद भारत के रविचंद्रन अश्विन 14 विकेटों के साथ दूसरे क्रम पर है। यदि उनके टी20 फॉर्मेट के विकेटों को भी जोड़ा जाए तो भी उनके कुल विकेटों की संख्या 18 ही होती हैं। उल्लेखनीय है कि पिछली बार इस टूर्नामेंट का आयोजन टी20 फॉर्मेट में किया गया था।