नई दिल्ली। बीसीसीआई के लोकपाल डीके जैन ने बुधवार को मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर और वीवीएल लक्ष्मण को हितों के टकराव के मामले में नोटिस जारी किया। इन्हें 28 अप्रैल तक जवाब देने का समय दिया गया है। साथ ही उन्होंने बीसीसीआई को भी इस बारे में अपना जवाब देने के लिए लिखा है।

ये दोनों महान खिलाड़ी आईपीएल फ्रेंचाइजी में मेंटर होने के साथ ही बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति के सदस्य भी हैं। तेंडुलकर मुंबई इंडियंस के मेंटर हैं जबकि लक्ष्मण सनराइजर्स हैदराबाद के मेंटर की भूमिका निभा रहे हैं। हितों के टकराव मामले में यह तीसरा केस है। इससे पहले सौरव गांगुली को अपनी तिहरी भूमिका को लेकर जस्टिस डीके जैन के सामने पेश होना पड़ा था। ये तीनों उस क्रिकेट सलाहकार समिति समिति के सदस्य थे जिन्होंने रवि शास्त्री का टीम के चीफ कोच पद पर चयन किया था।

बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार तेंडुलकर मुंबई इंडियंस टीम से कोई पैसा नहीं लेते हैं। इसी प्रकार सचिन, गांगुली और लक्ष्मण क्रिकेट सलाहकार समिति के मानद सदस्य हैं। एमपीसीए के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता ने तेंडुलकर और लक्ष्मण के खिलाफ शिकायत की थी।