नई दिल्ली। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर और वीवीएस लक्ष्मण हितों के टकराव मामले में बीसीसीआई के लोकपाल और एथिक्स ऑफिसर (नैतिक अधिकारी) जस्टिस (रिटायर्ड) डीके जैन के सामने पेश हुए।

शिकायतकर्ता मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) के संजीव गुप्ता भी डीके जैन के सामने पेश हुए। तेंडुलकर और लक्ष्मण की सुनवाई करीब तीन घंटे तक चली। अभी इस मामले में संभवत: 20 मई को एक बार फिर सुनवाई होगी। तेंडुलकर और लक्ष्मण बीसीसीआई सलाहकार समिति के सदस्य होने के साथ-साथ आईपीएल फ्रेंचाइजियों मुंबई इंडियंस (आईकन) और सनराइजर्स हैदराबाद (मेंटर) से भी जुड़े हैं।

तेंडुलकर ने हितों के टकराव को आरोपों को नकारा क्योंकि वे मुंबई इंडियंस के साथ मानद रूप से जुड़े हैं। वीवीएस लक्ष्मण ने भी हितों के टकराव की बात से इंकार किया और कहा कि यदि यह बात गलत साबित होती है तो वे क्रिकेट सलाहकार समिति से हटने को तैयार हैं। बीसीसीआई ने इससे पहले यह लिखकर दिया था कि तेंडुलकर और लक्ष्मण का मामला सुविधाजनक कैटेगरी में आता है और ये दोनों पूरी जानकरी देकर दोहरी भूमिका में बने रह सकते हैं।