एडिलेड। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया चाहता है कि एडिलेड में भारत व ऑस्ट्रेलिया के बीच जो भी टेस्ट मैच खेले जाएं वो डे-नाइट ही हो और उसे यकीन है को भारतीय टीम जब अगली बार यहां दौरे पर आएगी तो वो पिंक गेंद से टेस्ट मैच खेलने को राजी हो जाएंगे।

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट (सीए) के सीईओ केविन रॉबर्ट्स ने भारत से अनुरोध किया कि वो हमारे साथ डे-नाइट टेस्ट मैच खेलने पर विचार करें। सीए के चीफ की तरफ से ये बयान तब आया जब भारत व ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के पहले दिन स्टेडियम में दर्शकों की संख्या कम थी। इससे पहले क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ये चाहता था कि चार टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला पिंक गेंद से खेला जाए यानी डे-नाइट हो लेकिन भारत ने इसके लिए मना कर दिया था।

दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम भारत ने अभी तक कोई डे-नाइट टेस्ट नहीं खेला है है लेकिन बोर्ड किसी बड़ी टेस्ट सीरीज के पहले मैच में इस तरह का कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। पिछले तीन वर्षों में एडिलेड में खेले गए डे-नाइट टेस्ट मैच के पहले दिन स्टेडियम में दर्शकों की संख्या 47,000, 32,000 और 55,000 थी, लेकिन भारत व ऑस्ट्रेलिया के बीच हो रहे एडिलेड टेस्ट मैच को देखने स्टेडियम में पहले दिन 24,000 दर्शक ही पहुंचे। सीए चीफ ने कहा कि अगर ये डे-नाइट टेस्ट मैच होता तो इसे देखने कम से कम 15000 दर्शक और पहुंचते। जब उनसे पूछा गया कि दर्शकों की इतनी कम संख्या के बाद क्या आप चाहते हैं कि एडिलेड टेस्ट मैच डे-नाइट होना चाहिए तो उन्होंने कहा कि बिल्कुल ऐसा ही होना चाहिए। पिछले वर्षों में डे-नाइट टेस्ट मैच के दौरान काफी बड़ी संख्या में दर्शक मैदान पर आए थे इसलिए हम इसे वापस लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि वर्ष 2020-21 में जब भारत ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आएगी तब हम उन्हें इसके लिए मना लेंगे।

सीए चीफ रॉबर्ट्स ने कहा कि डे-नाइट टेस्ट को लेकर भारत का नजरिया थोड़ा अलग है जो काफी हैरान करने वाला है। भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जो जिसने डे-नाइट टेस्ट मैच को होल्ड पर रखा है। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट को और रोचक बनाने के लिए ये एक बेहतर रास्ता है। वर्ष 2015 के बाद से ऑस्ट्रेलिया ने अब तक चार डे-नाइट टेस्ट मैच खेले हैं और सबमें जीत हासिल की है। ऑस्ट्रेलिया अपना अगला डे-नाइट टेस्ट मैच जनवरी में श्रीलंका के खिलाफ ब्रिस्बेन में खेलेगा।