मल्टीमीडिया डेस्क। पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर मंगलवार को 69 साल के हो गए। तूफानी कैरेबियाई गेंदबाजों के सामने निडर होकर खेलने के लिए पहचाने जाने वाले गावस्कर ने अपने चमकदार करियर में कई रिकॉर्ड्‍स बनाए। हम आपको उनके कुछ ऐसे पहलुओं के बारे में बताएंगे जिनके बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते होंगे।

क्रिकेट मैच के दौरान अंपायर मैदान में खेल का नियंत्रण करते हैं, लेकिन उन्हें कई बार ऐसी जिम्मेदारियां भी निभानी होती है जिसके बारे में कोई सोच नहीं सकता है। गावस्कर के लिए एक बार मैदान में अंपायर को नाई की भूमिका भी निभानी पड़ी थी। इंग्लैंड के खिलाफ ओल्ड ट्रैफर्ड टेस्ट में जब गावस्कर बल्लेबाजी कर रहे थे तब बाल बार-बार उनके चेहरे के सामने आ रहे थे। इसके चलते वे परेशान हो रहे थे तो उन्होंने अंपायर डिकी बर्ड से इन्हें काटने का अनुरोध किया। अंपायर बर्ड ने अपने जेब में से छोटी कैंची निकालकर गावस्कर के चेहरे के सामने आ रहे बाल काटे। वास्तव में अंपायर गेंद की सीम उखड़ने की स्थिति में उसे काटने के लिए कैंची अपने पास रखते हैं।

गावस्कर ने गाया गाना :

सुनील गावस्कर एक फिल्म में काम कर चुके हैं, यह बात बहुत लोगों को मालूम होगी, लेकिन उन्होंने गाना भी गाया है। उन्होंने क्रिकेट मैच और वास्तविक जीवन की समानताओं को बताता 'या दुनियामध्ये थांबालया वेल कोणाला' मराठी गाना भी गाया है।

मुंबई के शैरीफ :

गावस्कर को 1994 में मुंबई का शैरीफ नियुक्त किया गया था। उन्होंने एक साल तक यह दायित्व संभाला।

अपने आदर्श खिलाड़ी के नाम पर रखा बेटे का नाम :

गावस्कर ने अपने बेटे का नाम 'रोहन' रखा था। वे कैरेबियाई क्रिकेटर रोहन कन्हाई के फैन हैं और इसी के चलते उन्होंने अपने बेटे का नाम उनके नाम पर रखा।

जब बॉथम के कारण फोन बूथ में बंद हो गए थे सनी :

क्रिकेट मैदान में दुनिया के तेज गेंदबाजों के सामने बेखौफ होकर खेलने वाले गावस्कर को कुत्तों से डर लगता है। इंग्लैंड के महान ऑलराउंडर इयान बॉथम एक बार बड़ा कुत्ता लेकर उनके पास पहुंचे तो गावस्कर ने खुद को फोन बूथ के अंदर बंद ‍कर लिया। जब बॉथम को वहां से हटाया गया उसके बाद ही गावस्कर ‍बाहर निकले।

वेस्टइंडीज के खिलाफ रिकॉर्ड 13 शतक :

गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों के सामने जबर्दस्त बल्लेबाजी कर रिकॉर्ड 13 शतक बनाए। उन्होंने यह करिश्मा बिना हेलमेट, साधारण पैड्‍स और पतले एल्बो गार्ड के सहारे किया। यह भी उन दिनों की बात है जब गेंदबाज एक ओवर में छह बाउंसर डाला करते थे।

मुफ्त में मिले रनों से हुई थी अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत :

गावस्कर ने टेस्ट क्रिकेट में जो शुरुआती दो रन बनाए, वो वास्तव में लेग बाई थे लेकिन अंपायर ने इसका कोई इशारा नहीं किया और ये रन गावस्कर के खाते में दर्ज हो गए। गावस्कर ने इसका खुलासा अपनी आत्मकथा 'सनी डेज' में किया। उन्होंने लिखा, मैं वेनबर्न होल्डर की गेंद को खेल नहीं पाया और गेंद थाइपैड को टकराकर फाइन लेग की तरफ गई, मैंने दौड़कर दो रन पूरे किए और मैं यह जानकर हैरान रह गया कि अंपायर ने लेगबाई का इशारा नहीं किया था।

गावस्कर के लिए बनाया कैलिप्सो सांग :

गावस्कर का वेस्टइंडीज में कितना दबदबा रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि त्रिनिदाद के कैलिप्सो सिंगर लॉर्ड रिलेटर (विलियर्ड हैरिस) ने अपना एक कैलिप्सो सांग गावस्कर को समर्पित किया था। इसमें गावस्कर की विशेषता का वर्णन किया गया था।

ऐसी पारी कोई खेलना नहीं चाहेगा :

गावस्कर ने अपने करियर में कई कीर्तिमान बनाए, लेकिन उनके द्वारा बनाए गए एक रिकॉर्ड को कोई भी क्रिेकेटर अपने नाम नहीं चाहेगा। 1975 विश्व कप में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पूरे 60 ओवर बल्लेबाजी की और वे मात्र 36 रन बनाकर नाबाद रहे। इस दौरान उन्होंने 174 गेंदों का सामना किया। उनकी इस बेहद धीमी पारी की वजह से भारत 3 विकेट पर 132 रन ही बना पाया।

एक्टिंग में भी हाथ आजमाए :

गावस्कर ने मराठी फिल्म 'सावली प्रेमाची' में मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने 1988 में नसरूद्धीन शाह की हिंदी फिल्म मालामाल में भी छोटा रोल निभाया था।