लंदन। इंग्लैंड ने ब्रिस्टल में मंगलवार को तीसरे वनडे में पाकिस्तान के खिलाफ 359 रनों के लक्ष्य को 31 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया था। इंग्लैंड और वेल्स में आगामी 30 मई से क्रिकेट वर्ल्ड कप होने वाला है। इस दौरान गेंदबाजों की समस्या बढ़ जाएगी क्योंकि इंग्लैंड की सपाट पिचों पर 300 से ज्यादा का स्कोर भी सुरक्षित नहीं रह गया है।

इंग्लैंड ने मंगलवार को अपने घर में सबसे बड़ा और कुल दूसरा बड़ा टारगेट हासिल किया जब उसने 31 गेंद शेष रहते 4 विकेट पर 359 रनों का लक्ष्य हासिल किया। इससे पहले पाकिस्तान ने 9 विकेट पर 358 रन बनाए थे। इस तरह टीमों के लिए इंग्लैंड में परेशानी बढ़ जाएगी क्योंकि कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं रह जाएगा।

2015 विश्व कप के बाद से आज तक पूरे हो चुके 469 वनडे मैचों में 128 टीमों ने पहले बल्लेबाजी कर 300 से ज्यादा रन बनाए हैं। यह स्कोर भी काफी नहीं रहा और पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमें 77 प्रतिशत मैच (128 में से 99) ही जीत पाई हैं। इसकी तुलना में 341 मैचों में टीमों ने पहले बल्लेबाजी कर 300 से कम रन बनाए और 130 मैचों में जीत दर्ज की। इस तरह पहले बल्लेबाजी कर 300 से कम रन बनाने के मामले में टीम की जीत का प्रतिशत 38 प्रतिशत रहा।

इंग्लैंड में गेंदबाजों की हालत ज्यादा खराब : इंग्लैंड की सपाट पिच पर गेंदबाजों की हालत पिछले कुछ समय से ज्यादा खराब चल रही है। पिछले वर्ल्ड कप के बाद इंग्लैंड में हुए 56 मैचों में से 18 मैचों में 300 प्लस का टारगेट हासिल किया गया। इंग्लैंड ने मंगलवार को अपने घर में लगातार 16वीं बार सफलतापूर्वक लक्ष्य हासिल किया।

इंटरनेशनल वनडे में सर्वाधिक स्कोर का रिकॉर्ड पिछले वर्ल्ड कप के बाद दो बार टूटा और दोनों बार यह करिश्मा इंग्लैंड ने किया। इंग्लैंड ने अगस्त 2016 में नॉटिंघम में पाकिस्तान के खिलाफ 3 विकेट पर 444 रन बनाए। इंग्लैंड ने इसके बाद पिछले साल जून में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नॉटिंघम में 6 विकेट पर 481 रन बनाए।

2015 वर्ल्ड कप के बाद वनडे मैचों में टीमों की जीत का प्रतिशत ऐसा रहा -

300 से कम का स्कोर : 341 मैच, 130 जीत - जीत का प्रतिशत (38%)

300 से 349 का स्कोर : 87 मैच, 64 जीत - जीत का प्रतिशत (74%)

350 से 399 का स्कोर : 36 मैच, 30 जीत - जीत का प्रतिशत (83%)

400 से ज्यादा का स्कोर : 5 मैच, 5 जीत - जीत का प्रतिशत (100%)