मुंबई। वर्तमान समय में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में शामिल जसप्रीत बुमराह की सफलता के पीछे 'रिवर्स मैग्नस फोर्स' है। यह कहना है आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर संजय मित्तल का।

प्रोफेसर मित्तल ने अपने एक अध्ययन में कहा कि बुमराह की तेजी, सीम पोजीशन और 1000 आरपीएम की रोटेशनल तेजी गेंद को 0.1 का स्पिन अनुपात देती है जिससे उस पर रिवर्स मैग्नस प्रभाव होता है। मित्तल ने कहा, बुमराह की गेंद तेजी से नीचे आती है जिसकी वजह से बल्लेबाजों को उसे खेलने में उसे परेशानी होती है। अपने अनोखे एक्शन की वजह से 25 साल के बुमराह आगामी विश्व कप भारत के लिए अहम भूमिका निभाएंगे।

बुमराह अभी तक 10 टेस्ट मैचों में 21.89 की औसत से 49 विकेट ले चुके हैं। वे 49 वनडे में 22.15 की औसत से 85 शिकार कर चुके हैं। उन्होंने 42 इंटरनेशनल टी20 मैचों में 20.17 की औसत से 51 विकेट झटके हैं। बुमराह आईपीएल 2019 की शुरुआत से चोटों से जूझ रहे थे लेकिन बाद में उन्होंने टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। फाइनल में भी उन्होंने किफायती गेंदबाजी करते हुए 2 विकेट लिए थे और वे मैन ऑफ द मैच चुने गए थे।

इंग्लैंड में 30 मई से वर्ल्ड कप होना है और इस क्रिकेट महाकुंभ में टीम इंडिया की उम्मीदें काफी हद तक बुमराह पर निर्भर करेगी। यदि बुमराह ने आईपीएल के फॉर्म को जारी रखा तो वे विपक्षी बल्लेबाजों के लिए परेशानी खड़ी करेंगे।