मुंबई। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज राजू कुलकर्णी को ऐसा लगता है कि ईशांत शर्मा एक अनियमित गेंदबाज हैं और वो भारतीय तेज गेंदबाजी अटैक की अगुआई करने में फेल रहे हैं।

राजू ने कहा, ईशांत ने भारत के लिए 79 टेस्ट मैच खेले हैं जो शानदार है लेकिन मुझे नहीं लगता कि उन्होंने कभी टीम को फ्रंट से लीड किया है और ये उनके लिए सबसे बड़ी समस्या है। वो बेहद अनियमित गेंदबाज हैं और हमेशा वो नई तकनीक और रणनीति के साथ आते हैं जिसकी वजह से वो खुद ही काफी भ्रमित रहते हैं।

भारत के लिए 3 टेस्ट और 10 वनडे खेलने वाले 55 वर्षीय राजू ने कहा, पिछले दो टेस्ट सीरीज में उन्होंने काफी बेवकूफी भरा काम किया है साथ ही परिस्थितियों में बुरी तरह से अपनी प्रतिक्रिया दी है। मुझे लगताहै कि हमेशा ही वो कुछ अलग लेकर आते हैं और इसकी वजह से वो अपनी गेंदबाजी में नियमित नहीं रह पाते। ईशांत ने भारत के लिए वर्ष 2007 में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट में डेब्यू किया था। वो अब तक 79 टेस्ट मैच खेल चुके हैं जिसमें उनके नाम पर 226 विकेट है। इसके अलावा 80 वनडे में उन्होंने 115 विकेट लिए हैं।

राजू ने कहा कि मौजूदा भारतीय पेस अटैक काफी शानदार है और हमारे पास पर्याप्त तेज गेंदबाज हैं जो काफी टैलेंटेड हैं। मुझे लगता है कि खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे अहम है जिसमें निरंतरता नहीं है। आप हमेशा तीन गेंदबाजों के साथ एक टेस्ट मैच खेलने उतरते हैं हो सकता है तीन या चार टेस्ट मैच भी हों और इसके बाद उन्हें आराम की जरूरत होती है। यहीं पर ज्यादा सोचने की जरूरत है कि उस परिस्थिति में आपके पास कैसी बेंच स्ट्रेेंथ है।

पहले टेस्ट मैच में भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन के बारे में राजू ने कहा कि केपटाउन टेस्ट मैच में गेंदबाजों ने भारतीय टीम को जीत की तरफ ला दिया था लेकिन बल्लेबाजों की वजह से टीम को 72 रन से हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद भुवी व टीम के अन्य तेज गेंदबाज काफी टैलेंटेड हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ साबित कर दिया कि अगर उन्हें इस तरह का विकेट मिले जैसा केपटाउन में था तो वो किसी भी टीम के लिए घातक साबित हो सकते हैं। भारतीय गेंदबाजों ने पहले टेस्ट की दूसरी पारी में कमाल की गेंदबाजी की थी।