ब्रिस्बेन। ऑस्ट्रेलिया टीम ने मैदान पर नरम रवैया दिखाकर अपने पुराने रुख में बदलाव किया है लेकिन भारत के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने कहा कि सीरीज का नतीजा क्या होगा यह क्रिकेट का स्तर तय करेगा। ऑस्ट्रेलियाई टीम पिछले कई वर्षों से आक्रामक क्रिकेट खेलती आई है जिसमें छींटाकशी भी शामिल रहती है।

इस साल केपटाउन में गेंद से छेड़छाड़ प्रकरण में स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर पर प्रतिबंध के बाद इस रवैये में बदलाव आया है। आलोचकों ने इस घटना के लिए किसी भी कीमत पर जीत दर्ज करने की मानसिकता को जिम्मेदार ठहराया था।

शास्त्री ने रविवार को यहां दौरे की अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘अंत में आपका क्रिकेट बोलता है। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि ग्लेन मैकग्रा या शेन वॉर्न कुछ कहते हैं या नहीं, वे इसके बावजूद विकेट हासिल करते।’

उन्होंने कहा, ‘यह सामान्य सी बात है। आप जिस चीज में अच्छे हो वह काम कर रहे हो और लगातार कर रहे हो तो यह मायने नहीं रखता कि आप किस टीम की ओर से खेल रहे हो। वह क्रिकेटर अच्छा प्रदर्शन करेगा और उसकी टीम भी।’

कप्तान विराट कोहली ने भी दौरे पर रवाना होने से पूर्व प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि प्रदर्शन करने के लिए उन्हें अपनी क्षमताओं पर भरोसा है और वह अपना उत्साह बढ़ाने के लिए बेकार की शाब्दिक जंग पर निर्भर नहीं हैं।

कोहली को पसंद है ऑस्ट्रेलिया के मैदान

कोहली के चिर परिचित आक्रामक अंदाज के बारे में पूछने पर शास्त्री ने कहा, ‘वह (कोहली) पेशेवर खिलाड़ी है और परिपक्व हो गया है। आप चार साल पहले (2014-15) उसे देखो तो उसके बाद से वह दुनिया भर में खेला है और टीम की कप्तानी की है। और इस अकेली चीज से ही आपके अंदर जिम्मेदारी आ जाती है।’

कोहली ने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर पांच शतक (2011-12 में एक और 2014-14 में चार) लगाए हैं और शास्त्री ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई हालात भारतीय कप्तान की खेल की शैली के अनुकूल हैं।

उन्होंने कहा, ‘उसे ऑस्ट्रेलिया आना पसंद है। उसमें अपने खेल को लेकर जुनून है। पिचें उसकी खेल की शैली के अनुकूल हैं। और एक बार आप यहां अच्छा प्रदर्शन कर लो तो आप बार-बार यहां आकर खेलना चाहते हैं। यह क्रिकेट खेलने के लिए शानदार जगह है।’