नई दिल्ली। इंग्लैंड दौरे पर विराट ने बल्लेबाज के रूप में शानदार प्रदर्शन किया लेकिन उनकी कप्तानी पर सवाल उठाए जाने लगे हैं। एक तरफ जहां कोहली की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं पूर्व कप्तान महेंद्रसिंह धोनी ने खुलासा किया कि उन्होंने कप्तानी क्यों छोड़ी थी।

धोनी ने रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर एक प्रमोशनल इवेंट में कहा कि, उन्होंने कप्तानी इसलिए छोड़ी ताकि विराट को कप्तान के रूप में 2019 विश्व कप की तैयारी के लिए समय मिल पाए। मैं चाहता था कि 2019 के वर्ल्ड कप से पहले नए कप्तान को अपनी टीम और खुद को तैयार करने के लिए ठीक ठाक वक्त मिले इसीलिए मैंने सीमित ओवरों की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था।

धोनी ने कहा कि सीरीज के पहले कम प्रैक्टिस मैच खेलने की वजह से भारत को इंग्लैंड के हाथों टेस्ट सीरीज में करारी हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने दुनिया की नंबर वन टीम भारत को टेस्ट सीरीज में 4-1 से पराजित किया जिसके बाद से भारतीय टीम प्रबंधन की जमकर आलोचना हो रही हैं।

भारतीय टीम प्रबंधन ने सीरीज से पहले ज्यादा प्रैक्टिस मैच खेलने में हिचकिचाहट दिखाई, जिसकी वजह से अब कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री की जमकर खिंचाई हो रही हैं। अब धोनी ने यह कह दिया की टीम इंडिया को ज्यादा प्रैक्टिस मैच नहीं खेलने का नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा, इसकी वजह से हमारे बल्लेबाजों को एडजस्ट होने में परेशानी हु्ई। यह खेल का हिस्सा है। हमें यह नहीं भुलना चाहिए कि इस वक्त भारत आईसीसी रैंकिंग में नंबर वन टीम है।

टीम इंडिया ने एजबेस्टन में पहले टेस्ट के पूर्व सिर्फ एसेक्स के साथ एक अभ्यास मैच खेला। इसी तरह भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका में भी टूर गेम को रद्द कर दिया था। कोहली ने कहा था कि यदि आदर्श परिस्थितियां और मजबूत विपक्षी टीम मुहैया नहीं करवाई जा रही हो तो ऐसे प्रैक्टिस मैच खेलने से क्या लाभ होगा। उन्होंने माइकल होल्डिंग को दिए इंटरव्यू में कहा था कि यदि विपक्षी टीम में अच्छा गेंदबाजी आक्रमण नहीं मिल रहा हो तो ऐसे मैच क्यों खेलने चाहिए।