जोहानसबर्ग। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर्स में शुमार जैक्स कैलिस ने कहा है कि उन्हें दक्षिण अफ्रीकी कहलाने में शर्म महसूस हो रही है। कैलिस ने इतनी बड़ी बात इसलिए कही क्योंकि सरकार ने पर्याप्त अश्वेत खिलाड़‍ियों को प्रतिनिधित्व नहीं देने के चलते देश के चार खेल महासंघों पर बैन लगा दिया है।

सरकार ने देश के बड़े खेल महासंघों क्रिकेट, एथलेटिक्स, रग्बी और नेटबॉल में अश्वेत खिलाड़ियों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व न मिलने का हवाला देते हुए इन महासंघों द्वारा किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी करने पर कम से कम एक साल का बैन लगा दिया है। अब ये महासंघ कम से कम एक साल के लिए किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की न तो मेजबानी कर पाएंगे और न ही उसके लिए दावेदारी कर पाएंगे।

सरकार के इस फैसले पर दुख और नाराजगी व्यक्त करते हुए कैलिस ने कहा, 'सरकार का यह फैसला निराशाजनक है और अब मुझे दक्षिण अफ्रीकी कहलाने पर गर्व के बजाय शर्मिंदगी महसूस हो रही है। खेल में राजनीति शामिल होना दुर्भाग्यपूर्ण है।'

गौरतलब है कि सरकार देश के सबसे अधिक लोकप्रिय खेलों में ज्यादा से ज्यादा अश्वेत खिलाड़ियों की भागीदारी चाहती थी लेकिन रंगभेद खत्म होने के दो दशक से ज्यादा समय के बाद भी श्वेत खिलाड़ियों का ही एथलेटिक्स, क्रिकेट, नेटबॉल और रग्बी टीमों में बोलबाला है। सरकार ने अश्वेत खिलाड़ियों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व न मिलने का हवाला देते हुए इन महासंघों पर एक साल का बैन लगा दिया।